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मानेसर से किडनैप शख्स को पुलिस ने बॉर्डर से छुड़ाया

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नोट: गुरुग्राम हरियाणा व कानपुर देहात, यूपी के लिए उपयोगी...
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मानेसर से तीन लाख के लिए अगवा
शख्स को पुलिस ने बॉर्डर से छुड़ाया
- पुलिस ने दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। छावला थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर एक अगवा व्यक्ति को मुक्त कराया है। आरोपी अपहरणकर्ताओं के कब्जे से हथियार बरामद किए गए हैं। पीड़ित अपहृत व्यक्ति को हाल ही में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा मिला था। ये जानकारी अपहरणकर्ताओं को थी। आरोपियों ने तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
द्वारका डीसीपी एंटो अल्फोंस के अनुसार, एएसआई रामबीर और होमगार्ड जोगिंद्र झटीकरा बॉर्डर पर बेरिकेड्स लगाकर 23 व 24 जुलाई की रात वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी बीट कार धर्मपुरा, गुरुग्राम की तरफ से आती हुई दिखाई दी। पुलिसकर्मियों ने देखा कि कार का रजिस्ट्रेशन नंबर रोहतक हरियाणा का टैक्सी का है, मगर नंबर प्लेट सफेद है। पुलिसकर्मियों को देखकर आरोपियों ने कार की स्पीड बढ़ा दी।
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पुलिस ने बेरीकेड्स लगाकर कार को रोककर अपहृत व्यक्ति गुरुग्राम निवासी हरपाल को मुक्त करा लिया। हरपाल के सिर व अन्य जगहों पर चोटें थीं और वह लहूलुहान हो रखा था। उसके दोनों हाथ बंधे हुए थे। दोनों अपहरणकर्ता की पहचान राजीव कॉलोनी, भिवानी हरियाणा निवासी वतन (30) और कानपुर देहात यूपी निवासी जनमोहन सिंह(23) के रूप में हुई। वतन के कब्जे से लोडेड पिस्टल व एक कारतूस बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया हरपाल का गेट नंबर-तीन, आईएमटी मानेसर हरियाणा स्थित उसकी चाय की दुकान से पिस्टल के बल पर अपहरण किया था। इसके परिजनों से आरोपियों ने तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती नहीं देने पर हरपाल को मारने की धमकी दी थी। जनमोहन सिंह ने चेहरे पर रुमाल बांध रखा था। हरपाल उसे कई वर्षों से जानता था। हरपाल ने ही उसकी मारुती कंपनी में नौकरी लगवाई थी। कार वतन की थी। एक महीने पहले तक वह ओला व उबर में चलती थी।
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- हरपाल को मिले थे तीन करोड़ रुपये
द्वारका पुलिस अधिकारियों के अनुसार जनमोहन हरपाल को जानता था। हरपाल की आईएमटी मानेसर गुरुग्राम में चाय की दुकान थी। हरपाल की जमीन अधिग्रहण हो गई थी और उसे दो से तीन करोड़ रुपये मिले थे। ये बात दोनों अपहरणकर्ताओं को पता थी। इस कारण पीड़ित का अपहरण कर रकम हड़पने की साजिश रची थी। आरोपियों ने पिस्टल के बल पर हरपाल का अपहरण कर लिया था। हरपाल ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसकी जमकर पिटाई की थी। वतन की दो टैक्सी ओला व उबर में चलती हैं।
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