संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने पहुंचे तस्वाड़ के ग्रामीण। संवाद
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। पन्याली सरोली से चमोली-तस्वाड़ के लिए स्वीकृत सड़क का निर्माण कार्य छह साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। जिसको लेकर ग्रामीणों में बेहद आक्रोश है। सड़क के अभाव में ग्रामीणों को तीन से चार किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक किमी की परिधि में आ रहे पेड़ों की गिनती की गई, इसके बाद कार्रवाई ठप है। अब आचार संहिता भी लग जाएगी, यदि शीघ्र रोड निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होती तो वह लोग आगामी चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीणों का कहना है कि 2015 में सरोली से चमोली-तस्वाड़ के लिए चार किमी सड़क की स्वीकृति मिली। इसके बाद सर्वे हुआ, कई बार ग्रामीणों की आपत्ति भी लगी। इसके बाद ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में समझौता भी हुआ। 21 जनवरी 2019 को मार्ग निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई। समरेखण की स्वीकृति के बाद तीन नवंबर 2021 को एक किमी सड़क में पेड़ों की गिरती, बेनाप भूमि रेखांकन का कार्य हुआ। लेकिन इसके बाद आगे की कार्रवाई पूरी तरह से ठप है। वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई तक नहीं हो सकी है। कहा कि कुछ दिनों बाद आचार संहिता लग जाएगी और मामला फिर खटाई में पड़ जाएगा। 25 नवंबर तक निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। चेतावनी दी कि 10 दिसंबर तक सार्थक कार्रवाई नहीं होती तो चुनाव का बहिष्कार होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रधान बीना देवी, चंद्रशेखर पांडे, जिपंस सुरेश फर्त्याल, प्रधान हेमा पांडे सहित तमाम लोग मौजूद रहे।