आदमखोर तेंदुए को मारने के लिए वन विभाग के दिशा निर्देश में शिकारी लखपत सिंह रावत की कवायद जारी है। तेंदुए की लोकेशन बमन गांव में मिली है वह दूसरी बार ट्रैप कैमरे में कैद हुआ है। उसने बमन गांव में गाय को मार दिया था। बमनगांव में मचान बनाकर उसे मारने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
आदमखोर तेंदुए को मारने की दिशा में वन विभाग को ट्रैप कैमरे से काफी मदद मिल रही है। मेहलचौरा में एक व्यक्ति को मारने के बाद तेंदुए ने महांकालेश्वर में घोड़े को मारा था। दूसरे दिन वह फिर उसी स्थान पर पहुंचा, जिसे ट्रैप कैमरे के माध्यम से देखा गया।
इधर तेंदुए ने सोमवार को महाकालेश्वर से लगे बमन गांव में एक गाय को मारा डाला है। तेंदुए की तस्वीर उसी स्थान पर ट्रैप कैमरे में कैद हुई है।
शिकारी लखपत का कहना है कि अपने स्वभाव के अनुसार तेंदुआ मंगलवार को देर शाम तक उसी स्थान पर फिर आ सकता है, जिस स्थान पर उसने गाय को मारा था। इसी के मद्देनजर बमन गांव में उस स्थान के निकट मचान बना लिया गया है।
शिकारी का कहना है कि सबकुछ ठीक रहा तो उसका मारा जाना तय है। इधर पूरे आपरेशन में शिकारी लखपत के अलावा उप वन क्षेत्राधिकारी पूरन चंद्र तिवारी, विनोद टम्टा, नवीन आर्या और गोविंद सिंह आदि लगे हुए हैं।
तिवारी ने बताया कि तेंदुआ लगातार स्थान बदल रहा है। बताया कि बमन गांव में गाय को मारने वाला कैमरे में ट्रैप हुआ यह वही नर तेंदुआ है जिसने महाकालेश्वर में घोड़े को मारा था।