विशेष सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र शर्मा ने नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के मामले में आरोपी को पाक्सो एक्ट के अंतर्गत 10 साल के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। घटनाक्रम के मुताबिक पीड़िता तीन अप्रैल 2015 को बाजार से घर की तरफ जा रही थी।
आरोपी ललित मनराल निवासी कुमालेश्वर पोस्ट आफिस देघाट, तहसील स्याल्दे उसे बहला फुसलाकर अपने घर ले गया और उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता की माता ने इस घटना की रिपोर्ट राजस्व पुलिस में धारा 365, 366ए, 376(2),और पाक्सो एक्ट में दर्ज कराई।
बाद में राजस्व पुलिस ने पीड़िता को आरोपी के घर से बरामद कर लिया। इस मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गिरीश चंद्र फुलारा ने न्यायालय में आठ गवाह पेश कराए।
विशेष सत्र न्यायाधीश ज्ञानेंद्र शर्मा ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी ललित मनराल को पाक्सो एक्ट के अंतर्गत 10 साल के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। आरोपी को 365, 366ए में दोषमुक्त किया गया।