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विमांडेश्वर मंदिर परिसर में बिखोती मेले का रंगारंग आगाज

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विमांडेश्वर मंदिर में झोड़ा चांचरी गाते लोग। संवाद - फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। पाली पछांऊ के ऐतिहासिक और पौराणिक स्याल्दे बिखोती मेले का आगाज यहां विमांडेश्वर मंदिर में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। बिखोती मेले की पहचान नगाड़े निशानों के साथ नृत्य करते हुए ग्रामीण विमांडेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां पारंपरिक तरीके से मेले की शुरुआत की गई। उद्घाटन करते हुए ब्लाक प्रमुख दीपक किरौला, मेलाध्यक्ष मुकेश साह और एसडीएम जयवर्धन शर्मा ने कहा कि मेले क्षेत्र की पहचान से जुड़े होते हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन जरूरी है। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची रही।
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विमांडेश्वर मंदिर में बिखोती मेले का रंगारंग आगाज हुआ। एडवोकेट हेम रावत, बिखोती मेला अध्यक्ष रमेश पुजारी ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अतिथियों ने मेलों को संस्कृति का ध्वजवाहक बताते हुए आने वाली पीढ़ी से उत्तराखंडी लोक संस्कृति परंपरा को जीवंत रखने का आह्वान किया। यहां जीवन सिंह, जगत रौतेला, नौला फाउंडेशन के भूपेंद्र कुमार, तहसीलदार पूरन गोस्वामी, मुख्य पुजारी हरीश चंद्र, उप राजस्व निरीक्षक आशुतोष लोहनी, निर्जला जोशी, नीरजा जोशी, नारायण रावत सहित तमाम लोग मौजूद रहे। उद्घाटन अवसर पर रणां गांव के ग्रामीणों ने ढोल, नगाड़े, निशानों के साथ मंदिर की परिक्रमा की। संचालन शेखर पुजारी ने किया।
देर रात तक तक गाए झोड़ा चांचरी
द्वाराहाट। बिखोती मेले में आदर्श इंटर कालेज सुरईखेत, जीआईसी बटुलिया, प्राथमिक विद्यालय बेढूली, जूनियर हाईस्कूल रणा आदि विद्यालयों के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देर रात तक वहां स्थानीय विद्यालयों और सांस्कृतिक टीमों के कार्यक्रम जारी रहे। रात में विभिन्न गांवों से ढोल, नगाड़े-निशानों, रणसिंघों की गर्जनाओं के साथ हुड़के की थाप पर झोड़े चांचरी गाए गए। आल, नौज्यूला तथा गरख दलों ने बिखोती मेले में शिरकत की और निर्धारित डेरों में पहुंच कर झोड़े चांचरी गाए। सुबह स्नान और पूजा अर्चना कर अपने अपने गांवों को लौटेंगे।
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द्वाराहाट में मुख्य मेला आज
द्वाराहाट। नगर में बैसाखी के अवसर पर स्याल्दे बिखोती मेले का आगाज कल 14 अप्रैल को बट पुजै मेले के साथ होगा। नौज्यूला धड़े द्वारा ओड़ा भेंटने की रस्म अदा की जाएगी। वहीं, शाम शीतला पुष्कर मैदान में स्थानीय विद्यालयों एवं सांस्कृतिक टीमों के कार्यक्रम होंगे।
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