पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बृहस्पतिवार को भी रामनगर-मौलेखाल मोटर मार्ग पर पन्याली गधेरा उफान पर रहा। तीन दिन से लगातार इस गधेरे के उफान पर रहने के कारण क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित है। बृहस्पतिवार को दो बाइक सवार उफनाते गधेरे में बहने से बाल-बाल बच गए। जिन्हें बड़ी मशक्कत से बचाया जा सका। इस मार्ग पर करीब पांच घंटे तक वाहनों की आवाजाही
बुधवार की शाम से रात तक सल्ट क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हुई। तेज बारिश से रामनगर-मौलेखाल मोटर मार्ग पर पन्याली गधेरा उफान पर रहा और इस पर करीब पांच घंटे तक यातायात बाधित रहा। मार्ग के बंद होने के कारण रामनगर से मौलेखाल, भिकियासैंण, देघाट, सराईखेत, रानीखेत, द्वाराहाट, अल्मोड़ा, कर्णप्रयाग, गैरसैंण और पौड़ी को जाने वाले वाहन जाम में फंसे रहे।
मार्ग के बंद होने के कारण इन क्षेत्रों में दूध, फल और सब्जियों की भी आपूर्ति नहीं हो पाई। बमुश्किल मार्ग खुला लेकिन बीच-बीच में कई बार गधेरे का उफान बढ़ने के कारण आवाजाही बार-बार बंद होती रही। बृहस्पतिवार की सुबह उस समय बड़ा हादसा होने से बचा जब दोपहिया वाहन चालकों ने गधेरे को पार करने की कोशिश की। दोनों को आसपास के लोग बड़ी मुश्किल से बचा पाए। इसके बाद काफी देर तक इस मार्ग से दोपहिया चालकों की आवाजाही भी बंद कर दी गई।
कई शिक्षक भी नहीं पहुंचे स्कूल, तराई से कटा रहा पहाड़ का संपर्क
पन्याली गधेरे के उफान पर आने के कारण बृहस्पतिवार को कई शिक्षक स्कूल भी नहीं पहुंच पाए। दरअसल सल्ट क्षेत्र के अनेक शिक्षक रामनगर और काशीपुर से रोजाना आवाजाही करते हैं। जब तक गधेरे का उफान कम होता तब तक स्कूल का समय समाप्त होने को था। वहीं, इस मार्ग से होते हुए रामनगर और काशीपुर से जिन गांवों में जरूरी सामान की आपूर्ति होती है, वह भी बाधित रही। तराई और पहाड़ का संपर्क कटा रहा।
फ्लाई ओवर बनाने की मांग अधूरी