रानीखेत (अल्मोड़ा)। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ दिलाने के नाम पर एक लाख सात हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में बंद महिला की जमानत याचिका खारिज हो गई है। धोखाधड़ी मामले में आरोपी महिला की दो माह पहले गिरफ्तारी हो चुकी थी। इधर, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने तमाम साक्ष्य सुनने के बाद आरोपी महिला की ओर से लगाई गई जमानत याचिका खारिज कर दी है।
एक साल पहले भिकियासैंण के भतरौंजखान निवासी कैलाश चंद्र पंत के फोन पर अज्ञात कॉल आई। कालर ने उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पांच से 10 लाख का लोन दिया जा रहा है। बताया कि महिलाओं के लिए 40 तथा पुरुषों के लिए 25 फीसदी सब्सिडी है। कालर ने लोन दिलाने का झांसा दिया और तमाम साक्ष्य भी उनके सम्मुख रखे। अज्ञात व्यक्ति ने कैलाश को विश्वास में लेकर योजना का लाभ पाने के लिए उसके खाते में सुरक्षा धनराशि जमा करने को कहा। पीड़ित कैलाश ने झांसे में आकर अज्ञात के खाते में एक लाख सात हजार 800 रुपये जमा करा दिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया। मामले में पुलिस ने जांच की तो पता चला कि जिस खाते में कैलाश ने धनराशि जमा की है वह बिहार के पटना निवासी रूबी कुमार नाम की महिला का खाता है। पुलिस ने रूबी को गिरफ्तार कर लिया था। इधर महिला के अधिवक्ता ने जमानत के लिए यहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजयलक्ष्मी विहान की कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाया था लेकिन सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है। सरकार की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता हरीश मनराल ने पैरवी की।