अल्मोड़ा। जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक की ग्राम पंचायत बबुरियानायल गांव में अब भी सड़क नहीं पहुंची है। बस पकड़ने के लिए यहां के लोगों को दस किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। गंभीर मरीजों और प्रसव पीड़िताओं को डोली से सड़क तक लाना मजबूरी है।
बबुरियानायल गांव में सुविधाओं का अभाव बना है। आजादी के कई दशक बाद भी गांव में सड़क नहीं पहुंची है। सड़क न होने से ग्रामीणों को नजदीकी स्टेशन धौलछीना पहुंचने के लिए 10 किमी पैदल आना पड़ता है।
विद्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी धौलछीना होने से बच्चों से लेकर मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। गंभीर मरीजों और प्रसव पीड़िताओं को ग्रामीण डोली से नजदीकी स्टेशन लाते हैं। सड़क के अभाव में लोग पलायन करने को मजबूर हैं।
उपज को बाजार तक पहुंचाने में काफी खर्च
अल्मोड़ा। बबुरियानायल में आलू, गडेरी, मूली, प्याज, लहसुन आदि सब्जियों और मौसमी फलों की पैदावार होती है। सड़क न होने के कारण किसान अपनी उपज को स्थानीय बाजार तक नहीं पहुंचा पाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि फल-सब्जी की ढुलाई महंगी होने से खेती में मुनाफा नहीं रह गया है। कई बार फल और सब्जियां खेतों में बर्बाद हो जाती हैं।
कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी गांव में सड़क नहीं पहुंच सकी है। अब तक सड़क के लिए गांव में सर्वे भी नहीं कराया गया है। सड़क सुविधा नहीं होने से गांव में पलायन भी लगातार बढ़ रहा है।
महेश बोरा, प्रधान
सड़क के अभाव में बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए 10 किमी पैदल चलना पड़ना है। सड़क न होने से ग्रामीणों और मरीजों को तमाम परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। सड़क का निर्माण जल्द किया जाना चाहिए।
दीवान सिंह जीना
ग्रामीण पिछले कई सालों से सड़क के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन को ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन कोई सुधलेवा नहीं है। ठंड के मौसम में बस पकड़ने के लिए तड़के निकलने काफी मुश्किल भरा रहता है।
हरीश सिंह जीना