अल्मोड़ा/बागेश्वर। कोविड कर्फ्यू में ढील के दौरान सप्ताह में पांच दिन बाजार खुलने और होटल, रेस्तरां आदि को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ डायनिंग के संचालन की अनुमति मिलने के बाद व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे। इधर बाजार में लोग कोरोना को लेकर लापरवाह दिखाई दिए।
सोमवार को बाजार पूरी तरह से खुलने से सब्जी, राशन, रेडीमेड कपड़ा, बर्तन, स्टेशनरी समेत अन्य दुकानों में ग्राहकों की भारी भीड़ रही। एसओपी के तहत दुकानें सुबह आठ बजे खुलनी थी लेकिन सुबह सात बजते ही दुकानें खुलने लग गईं।
राशन की दुकानों में ग्राहकों की कतार रही। कपड़े की दुकानों में ग्राहकों ने खूब खरीदारी की। सब्जी, मांस, शराब की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ नजर आई। नगर के चौक बाजार, लाला बाजार, कारखाना बाजार, कचहरी बाजार, थाना बाजार, मालरोड, धारानौला आदि बाजार में लोगों की खचाखच भीड़ रही। बागेश्वर में भी बाजार का यही हाल था।
पांच दिन बाजार खुलने की अनुमति मिलने पर व्यवसायियों ने कहा कि यदि आगे भी यही रूटीन रहा तो कारोबार धीरे-धीरे पटरी पर आने की उम्मीद है।
होटल, रेस्तरां, भोजनालय व्यवसायियों का कहना है कि लंबे समय से दुकानें बंद रही। अब पांच दिन दुकानें खुलेंगी तो खर्चा निकलने की उम्मीद हैं। दुकानें बंद रहने से काफी नुकसान हुआ है। सरकार को व्यापारियों को राहत पैकेज देना चाहिए।
लंबे समय प्रतिष्ठान बंद रहने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई इतनी जल्दी होना मुश्किल लग रही है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर में रेस्टोरेंट बंद हुए तो काम छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। सरकार को आर्थिक राहत पैकेज देना चाहिए। - मुकेश साह, रेस्टोरेंट व्यवसायी अल्मोड़ा
सहालग सीजन के लिए नया स्टॉक मंगाया था लेकिन इसी बीच दुकानें बंद हो गई। जिस कारण नया स्टॉक डंप हो गया है। दुकानें पांच दिन नहीं रोजाना खुलनी चाहिए। नुकसान की भरपाई होना संभव नहीं लग रहा है, क्योंकि कारोबार में तेजी नहीं आ रही है। - लता कपूर, कॉस्मेटिक व्यवसायी अल्मोड़ा
सहालग सीजन में टेलरिंग का धंधा अच्छा रहता था लेकिन दुकानें बंद होने के कारण इस बार कारोबार चौपट रहा। स्कूल बंद होने के कारण स्कूल की ड्रेस तैयार करने की डिमांड भी नहीं मिली। अब दुकानें खुलने की छूट तो मिली लेकिन पूर्व की तरह काम नहीं आ रहा है। - शकील अहमद, टेलर अल्मोड़ा
दो माह बाद दुकानें खुलने से थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। ग्राहक तो आ रहे हैं लेकिन पहले दिन हमने ज्यादा तैयारी नहीं की थी। रेस्टोरेंट रोजाना खुलने चाहिए। सरकार को आर्थिक राहत पैकज देना चाहिए ताकि किसी तरह की दिक्कतें न हो। - जसविंदर सिंह, रेस्टोरेंट व्यवसायी अल्मोड़ा
...ध्यान रहे खतरा अभी टला नहीं
बागेश्वर/अल्मोड़ा। सोमवार सुबह बाजार खुले तो लोग कोरोना को भूल गए। बाजार में सुरक्षित दूरी का ध्यान नहीं रखा गया। बाजार और दुकानों में उमड़ी भीड़ ने सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाईं। कई लोग बिना मास्क पहने घूम रहे थे तो कुछ मास्क लटका के चल रहे थे। लोग कोविड संक्रमण से बेपरवाह दिखे।
इन दिनों अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं, लेकिन इसका यह मतलब कतई नहीं है कि कोरोना का खतरा समाप्त हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तीसरी लहर की चेतावनी दे रखी है। इस लिहाज से सभी लोगों को कोविड नियमों का पालन करना चाहिए।
सोमवार को पांच दिन बाद मौसम खुला, तो धूप खिली। खिली धूप में बागनाथ की नगरी का नजारा। फोटो बसंत चंदो- फोटो : BAGESHWAR