मौलेखाल (अल्मोड़ा)। कूपी गांव में महिला को मारने वाले तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव में दो पिंजरे लगा दिए हैं। तेंदुए की आवाजाही जानने के लिए वन विभाग क्षेत्र में ट्रैप कैमरा लगाने की तैयारी भी कर रहा है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए दो रेंजों के 20 वनकर्मी क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहे हैं।
कूपी गांव में तेंदुए के हमले के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर दिया था। इसलिए ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में दो पिंजरे लगाए हैं लेकिन बुधवार रात से क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही नहीं दिखी है। तेंदुए की आवाजाही का पता लगाने के लिए वन विभाग क्षेत्र में ट्रैप कैमरा लगाने की तैयारी भी कर रहा है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए अल्मोड़ा वन प्रभाग और जौरासी रेंज के वन कर्मियों की दो टीमें भी लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहीं हैं। इनमें 20 वन कर्मी शामिल हैं। वन कर्मियों की टीम गांव में घर-घर जाकर लोगों को सचेत भी कर रही है। इधर तेंदुए के हमले के कारण कूपी गांव के लोग रात में घरों से नहीं निकल रहे हैं। ग्रामीण शाम छह बजते ही अपने घरों में कैद हो रहे हैं। छोटे बच्चों को भी घर के बाहर नहीं खेलने दे रहे हैं। मवेशियों के लिए चारा आदि लेने महिलाएं समूह बनाकर जा रहीं हैं।
पिंजरे में कैद तेंदुए को रेस्क्यू सेंटर अल्मोड़ा पहुंचाया
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। घुसेला गांव में बुधवार रात पिंजरे में कैद तेंदुए को वन विभाग की टीम रेस्क्यू सेंटर अल्मोड़ा ले गई। बुधवार रात ग्राम सलना के तोक घुसेला में लगाए गए पिंजरे में एक कुत्ता बांधा गया था लेकिन जान बचाने के लिए व्याकुल तेंदुआ उसे नहीं खा सका। इसलिए बुधवार सुबह पिंजरे के दूसरे गेट से कुत्ते को छोड़ दिया गया।
रेंजर मनमोहन तिवारी, वनदरोगा राकेश कुमार उप्रेती, वनरक्षक घनानंद भट्ट, मंजू कबडोला, जगदीश चंद्र, मोहन सिंह की टीम घुसेला पहुंची। यह टीम पिंजरे समेत तेंदुए को रेस्क्यू सेंटर ले गई। बताया कि कैद नर तेंदुए की उम्र करीब दो वर्ष है। इस तेंदुए ने 16 फरवरी को सलना निवासी सुंदर सिंह, अंबा देवी को घायल कर दिया था। ग्रामीणों की मांग पर घुसेला में पिजरा लगाया था। तेंदुए के पिंजरे में कैद होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
खनियां गांव में नहीं फंस सका तेंदुआ
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत क्षेत्र में भी तेंदुए ने कई मवेशियों को निवाला बनाया है। तिमिलाडिग्गी, खनियां आदि गांवों में तेंदुए का आतंक है। वन विभाग की टीम ने यहां खनियां गांव में तेंदुए की सक्रियता के कारण पिंजरा लगाया गया है, लेकिन तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस सका है। इससे सहमे ग्रामीणों ने वनकर्मियों से तेंदुए की सक्रियता वाले स्थलों पर नियमित रूप से गश्त कर तेंदुए को आबादी से हटाने की मांग की है।
बिमोला के ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत
गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ रेंज के जंगल से सटे बिमोला के ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत है। तेंदुआ अपने शावकों के साथ 15 दिन से गांव में घूम रहा है। ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। बिमोला गांव में शाम होते तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ आबादी क्षेत्र में नजर आ रहा है। बिमोला के पूर्व प्रधान हरी राम, खड़क राम, दिनेश कुमार, राजेंद्र राम, लालू राम ने बताया कि तेंदुए के डर से अधिकतर ग्रामीण शाम होते ही घर जाने को मजबूर हैं।