अल्मोड़ा। कलक्ट्रेट का पुनर्गठन करने समेत तीन सूत्रीय मांगों को लेकर कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल से कलक्ट्रेट के अलावा तहसील कार्यालयों में कामकाज ठप है और दूरदराज से जरूरी काम के लिए आने वाले लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। हड़ताली कर्मियों ने डीएम कार्यालय परिसर में धरना दिया और सभा कर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि नायब तहसीलदार के सीधी भर्ती के पदों में से 10 फीसदी पदों पर कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मियों को पदोन्नति देने के मामले पर पिछले वर्ष 14 दिसंबर को कैनिबेट ने फैसला लिया था, पर अब तक शासनादेश नहीं हुआ है। कलक्ट्रेट के पुनर्गठन के मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आयुक्त कुमाऊं की अध्यक्षता में गठित समिति की संस्तुति के अनुरूप कलक्ट्रेट मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने का भी अब तक शासनादेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की मांगों की उपेक्षा कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि टिहरी गढ़वाल में जिलाधिकारी के वैयक्तिक सहायक वीरेंद्र सिंह वहां के मिनिस्टीरियल कर्मियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। ऐसे वैयक्तिक सहायक का तत्काल तबादला किया जाए। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ईश्वर सिंह खलझूनिया और संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मेहता ने किया। गोविंद अधिकारी, अंबिका प्रसाद पुरोहित, बलवंत देवड़ी, महेश पालीवाल, विमला मठपाल, ज्योति धपवाल, सुधा त्रिपाठी, भगवती भाकुनी, गीता रानी, चंद्रा विद्यार्थी, महेंद्र डसीला आदि ने विचार रखे। रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील के मिनिस्टीरियल कर्मियों ने कलक्ट्रेट के पुनर्गठन की मांग को लेकर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने यहां तहसील परिसर में शासन की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शीघ्र मांग पूरी न होने पर आंदोलन उग्र करने की चेतावनी दी। इस दौरान दीप चंद्र जोशी, जीवन चंद्र सनवाल, पुष्पा शाह, प्रमोद गोस्वामी, रवींद्र नेगी आदि मौजूद थे।