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आफत की बारिश: अल्मोड़ा-हल्द्वानी एनएच समेत 50 मार्गों की रफ्तार पर ब्रेक, पहाड़ियों से गिरे बोल्डर; मची तबाही

Fri, 13 Sep 2024 04:44 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा

सार

अल्मोड़ा जिले में एक नेशनल हाईवे, दो स्टेट हाईवे समेत 50 से अधिक मार्गों की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है। जगह-जगह भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।जिस कारण इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। 
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अल्मोड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अल्मोड़ा में पिछले 48 घंटों से हो रही बारिश के कारण पहाड़ पूरी तरह तरबतर हो गए हैं। अल्मोड़ा जिले में एक नेशनल हाईवे, दो स्टेट हाईवे समेत 50 से अधिक मार्गों की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है। जगह-जगह भूस्खलन के कारण सड़क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। एनएच पर क्वारब के पास सड़क लगातार धंस रही है। जिस कारण इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। सड़कों को खुलवाने के लिए 66 जेसीबी लगाई गई हैं। डीएम ने सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है।

अल्मोड़ा-हल्द्वानी एनएच पर क्वारब के पास भारी भूस्खलन हो गया है। पहाड़ी से बोल्डर गिर रहे हैं। इससे यहां पर सड़क धंसने लगी है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है। रानीखेत-खैरना- रामनगर और सिमलखेत- भनोली स्टेट हाईवे पर भी जगह-जगह भूस्खलन के कारण मलबा और बोल्डर मुख्य मार्ग पर आ गए हैं।

अल्मोड़ा से हल्द्वानी और हल्द्वानी से अल्मोड़ा आवाजाही करने वाले वाहन अब कई किमी लंबा फेरा लगाकर लमगड़ा और शहरफाटक होते हुए आ रहे हैं। जिले के 50 से अधिक आंतरिक मोटर मार्गों पर भी जबर्दस्त भूस्खलन हुआ है। जिले की 1,50,000 से अधिक की आबादी इससे प्रभावित हुई है। जिला मुख्यालय के बेस के पास करीब चार दुकानों के भी क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।

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बाजारों में सुनसानी, 60 से अधिक घर आंशिक क्षतिग्रस्त
बारिश से पूरे जिले में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बाजारों में भी सुनसानी छायी रही। शुक्रवार काे मार्ग बंद होने के कारण कई जगहों पर दूध, फल और सब्जियों समेत कई जरूरी सामानों की आपूर्ति भी नहीं हो पाई। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में 60 से अधिक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

पन्याली गधेरा भी उफान पर

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रामनगर मौलेखाल मोटर मार्ग पर स्थित पन्याली गधेरे ने शुक्रवार को भी जमकर कहर बरपाया। दिन भर कई बार यह गधेरा उफान पर आ गया। जिस कारण यहां रुक-रुक कर जाम लगता रहा। बड़े वाहन तो गधेरे को पार कर गए लेकिन छोटे वाहनों के लिए यह दिन भर परेशानी का सबब बना रहा। जेसीबी की मदद से जैसे तैसे दोपहिया वाहन चालकों को गधेरा पार करवाया गया। इधर, ब्लॉक के भीतोकोट गांव में केदार सिंह के मकान की सुरक्षा दीवार ढह गई है।

खीड़ा-खजुरानी मोटर मार्ग पर आया बोल्डर
चौखुटिया विकासखंड के खीड़ा-खजुरानी मोटर मार्ग पर भी जगह जगह भूस्खलन के कारण बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गया है। बाखली चौराहे के पास भी एक पेड़ मुख्य सड़क पर आ गया गिरा है। स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी तहसील के आपदा कंट्रोल रूम और पुलिस को दी है।

सड़क पर मलबा, जाम में फंसा शव वाहन
पिथौरागढ़-अल्मोड़ा हाईवे पर पनुवानौला के पास लगातार बारिश के कारण जबर्दस्त भूस्खलन हो गया है। मलबा और बोल्डर मुख्य मार्ग पर आ गए हैं। शुक्रवार को दोनों ओर वाहनों की लंबी लंबी कतार लग गई। मार्ग के बंद होने के कारण धौलछीना से जागेश्वर की ओर अंतिम संस्कार के लिए शव को लेकर जा रहा एक वाहन भी घंटों जाम में फंसा रहा। इधर, बाड़ेछीना- सेराघाट मोटर मार्ग पर भी जगह-जगह मलबा आने के कारण शुक्रवार को वाहनों की रफ्तार पर घंटों ब्रेक लगा रहा।

द्वाराहाट के ईड़ा में मकान ध्वस्त
द्वाराहाट विकासखंड के ईड़ा ग्राम पंचायत के करनाट तोक निवासी चंदन राम का मकान ध्वस्त हो गया है। मकान के क्षतिग्रस्त होने के कारण घर में रखा सारा सामान मलबे के नीचे दब गया है। प्रभावित परिवार ने अब अन्यत्र शरण ली है। इधर, टीट गांव निवासी पुष्पा देवी के मकान को भी नुकसान पहुंचा है।

सोमेश्वर के पास पेड़ गिरने से मार्ग रहा बंद
सोमेश्वर-द्वाराहाट मार्ग पर भी पेड़ गिरने के कारण शुक्रवार को इस मार्ग पर घंटों आवाजाही ठप रही। जाम में फंसे लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थानाध्यक्ष कश्मीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ को काटकर आवाजाही सुचारू करवाई गई।

लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क मार्गों को नुकसान पहुंचा है। बंद सड़कों को खाेलने के लिए मौके पर 66 जेसीबी भेजी गई हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है। सभी अधिकारियों को सूचनाओं पर तत्काल कार्यवाही करने को कहा गया है।
-आलोक कुमार पांडे, डीएम, अल्मोड़ा

कहां कितनी बारिश मिमी में

अल्मोड़ा= 80.0

रानीखेत = 72.0

शीतलाखेत = 75.0

जैंती = 61.0

ताकुला = 52.0

सोमेश्वर = 43.0

चौखुटिया = 30.0

द्वाराहाट= 27.0

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जलस्तर

कोसी = 1130.20 मीटर

रामगंगा= 921.950 मीटर


 

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