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Almora News: अल्मोड़ा जिले में 25 डेंजर जोन, कहीं पैरापिट नहीं तो कहीं मोड़ खतरनाक

Thu, 07 May 2026 11:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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जिले की सड़कों पर सफर लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है।
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अल्मोड़ा/दन्या। जिले की सड़कों पर सफर लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों समेत विभिन्न मोटर मार्गों पर 25 डेंजर जोन हैं जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बृहस्पतिवार तड़के रापड़-चमड़खान मोटर मार्ग पर भिकियासैंण के पास एक हादसे में कार सवार तीनों लोगों की मौत हो गई।
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अल्मोड़ा जिले की सड़कों पर कई स्थानों पर सड़क किनारे पैरापिट नहीं हैं। कई जगह खतरनाक मोड़ और जर्जर सुरक्षा दीवारें दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं। हालात ऐसे हैं कि चालक की जरा सी चूक जानलेवा साबित होती है। आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार जनवरी से अब तक जिले में हुए सड़क हादसों में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्वारब, अल्मोड़ा-सेराघाट मार्ग पर धौलछीना और कसाण बैंड, घाट-पनार राष्ट्रीय राजमार्ग पर मकड़ाऊ तथा भतरौंजखान-भिकियासैंण मोटर मार्ग पर लछमौड़ा समेत अन्य क्षेत्रों को डेंजर जोन के रूप में चिह्नित किया गया है। इन मार्गों पर कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारें नहीं होने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
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धौलादेवी विकासखंड के ग्रामीण मोटर मार्गों की हालत भी बेहद खराब बनी हुई है। दन्या-कलौटा, सुवाखान-गल्ली, दन्या-डसीली, ध्याड़ी-दसौला बडयार और धौलादेवी-खेती मोटर मार्ग कई जगह बदहाल हैं। इन मार्गों पर कई स्थानों पर पैरापिट नहीं बने हैं, जिससे पहाड़ी और ढलान वाले हिस्सों में हर मोड़ पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
बीते 24 अप्रैल को धौलादेवी-खेती मोटर मार्ग पर धूरा के पास गोगनानी बैंड के समीप एक मारुति सुजुकी इको वैन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क किनारे मजबूत पैरापिट बने होते तो वाहन को खाई में गिरने से रोका जा सकता था।

द्वाराहाट-दूनागिरी मार्ग पर भी खतरा बरकरार
द्वाराहाट-दूनागिरी मोटर मार्ग पर भी कई स्थानों पर पैरापिट नहीं हैं। गणेश बैंड के पास 12 दिसंबर 2025 को एक कैंटर खाई में गिर गया था, जिसमें चालक और परिचालक घायल हुए थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक इसी स्थान पर पूर्व में भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।
द्वारुगैर से आगे भी सड़क किनारे सुरक्षा दीवारें नहीं हैं जबकि दुधोली बैंड पर बने पैरापिट जर्जर हालत में हैं। सामाजिक कार्यकर्ता आनंद सिंह बिष्ट ने बताया कि कई बार संबंधित विभाग को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक सुधार नहीं किया गया है।
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