अल्मोड़ा। कैंसर की बीमारी अब पहाड़ के लोगों को भी अपनी चपेट में लेने लगी है। अल्मोड़ा जिले में पिछले साल स्वास्थ्य विभाग ने 31,700 कैंसर के संदिग्ध मरीजों की जांच की। जिसमें से 18 लोगों में कैंसर की पुष्टि हुई। इसमें से 10 रोगियों में मुंह के, तीन महिलाओं में स्तन और पांच रोगियों में सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि हुई।
आम तौर पर तंबाकू और शराब के सेवन को कैंसर रोग का मुख्य कारण माना गया है। लेकिन गलत खानपान और किसी तरह के संक्रमण से भी कैंसर रोग शरीर में जन्म ले सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में भी अब खानपान में बदलाव होने और अनियमित दिनचर्या के कारण लोग कैंसर की चपेट में आने लगे हैं। अल्मोड़ा जिले की ही बात करें तो यहां वर्ष 2020 में स्वास्थ्य विभाग ने कैंसर के 31,700 संदिग्ध मरीजों की जांच की जिसमें से 18 लोगों में कैंसर की शिकायत मिली। जिले में कैंसर के इलाज की व्यवस्था न होने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने सभी रोगियों को हायर सेंटर रेफर किया।
बच्चों में संक्रमण और रेडिएशन होता है कैंसर का मुख्य कारण
अल्मोड़ा। वयस्क और बुजुर्गों के साथ ही अब छोटे बच्चे भी कैंसर की चपेट में आने लगे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा डॉ. आरसी पंत ने बताया कि बच्चों में कैंसर का मुख्य कारण संक्रमण और रेडिएशन होता है। अगर बच्चे के शरीर में किसी तरह का संक्रमण है तो समय पर उसकी जांच करानी चाहिए। रेडिएशन के संपर्क में भी बच्चे कम से कम रहें तो बेहतर है।
मेडिकल कॉलेज है लेकिन नहीं हैं कैंसर के इलाज की सुविधा
अल्मोड़ा। जिले में लंबे समय से मेडिकल कॉलेज खुलने की कवायद शुरू हो गई थी लेकिन मेडिकल कॉलेज आज तक संचालित नहीं हो सका। अभी कुछ दिन पहले ही निरीक्षण के बाद कॉलेज संचालन को हरी झंडी मिली है। लेकिन अभी भी यहां कैंसर के इलाज की सुविधा नहीं है। इधर मेडिकल कॉलेज संचालित होने के बाद लोगों को यहां भी कैंसर इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है। संवाद
कैंसर का मुख्य कारण तंबाकू और शराब का सेवन है इसके साथ ही किसी तरह के संक्रमण और गलत खानपान से भी कैंसर हो सकता है। शुरूआती चरण में कैंसर का पता मुश्किल से चल पाता है। अगर कोई भी लक्षण दिखे तो तत्काल डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
- डॉ. आरसी पंत, सीएमओ अल्मोड़ा।