उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के कविनगर थाने में शुक्रवार रात पुलिस हिरासत के दौरान एक युवक की मौत पर बवाल मच गया है।
शकील नामक यह शख्स डासना के यासीनगढ़ी का रहने वाला था। वाहनचोरी के शक में पुलिस उसे उठाकर लाई थी। परिजनों ने पुलिस पर थर्ड डिग्री देकर हत्या करने का आरोप लगाया है।
इधर सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतक के परिजनों को मुआवजे के तौर पर पांच लाख रुपये देने का ऐलान किया है।
उल्लेखनीय है कि इंदिरापुरम थाने की हवालात में युवक की हत्या की जांच अभी चल ही रही है, ऐसे में इस घटना ने स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया है।
मामला सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह तक पहुंचा तो पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कविनगर एसओ सुधीर त्यागी समेत 8 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
शनिवार सुबह करीब साढे़ छह बजे पुलिस ने शकील के परिजनों को उसकी मौत की सूचना दी। इस पर डासना से बड़ी संख्या में लोग कविनगर थाने पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
लोगों के आक्रोश को देखते हुए डीएम एसवीएस रंगाराव और एसएसपी नितिन तिवारी पुलिस बल के साथ कविनगर थाने पहुंचे और लोगों को शांत कराया।
शकील के पिता खलील ने बताया कि पुलिस 13 जून को उसके बेटे शकील को घर से उठाकर लाई थी। तभी से उसे अवैध हिरासत में रखा हुआ था।
शकील को छोड़ने के लिए परिवार वाले पुलिस की मिन्नतें कर रहे थे, मगर पुलिसकर्मी उसे छोड़ने की एवज में 5 लाख रुपये मांग रहे थे। रुपये न देने पर ही पुलिस ने थर्ड डिग्री देकर शकील की जान ले ली।
आरोप है कि जिस समय पुलिस शकील को उठाकर ले जा रही थी, उसकी जेब में 61 हजार और दो मोबाइल भी थे। यह नगदी और मोबाइल भी पुलिस ने ले लिए।
इसके बाद आनन-फानन में कविनगर थाने के एसओ सुधीर त्यागी, हेडकांस्टेबल जितेंद्र, कांस्टेबल धूम सिंह, रविंद्र, इरफान, राजकुमार, मंगत त्यागी और भूपेंद्र को सस्पेंड करते हुए उनके खिलाफ आईपीसी की धारा-147, 148, 302, 342 और 406 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
सभी आरोपी घटना के बाद से ही अंडरग्राउंड हो गए हैं। दोपहर को कड़ी सुरक्षा के बीच तीन डाक्टरों के पैनल ने शकील की लाश का पोस्टमार्टम किया।
इस दौरान डीएम के आदेश पर उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। शाम को शकील की लाश को डासना में ही सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
डीएम ने इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उधर एसएसपी नितिन तिवारी का कहना है कि आरोपी पुलिसवालों को मामला दर्ज करके सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच चल रही है।