यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की मांग को लेकर वृंदावन से निकली पदयात्रा चौथे दिन होडल पहुंच गई।
राधारानी यमुना मुक्ति पदयात्रा में शामिल कुछ लोग सोमवार को रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए।
उन्होंने झंडे दिखाकर ट्रेन रोक ली। इन लोगों ने मालगाड़ी व जनता एक्सप्रेस पर पथराव भी किया।
इससे मालगाड़ी के इंजन के शीशे टूट गए। पथराव से जनता एक्सप्रेस में बैठे यात्री सहम गए।
सोमवार सुबह नौ बजे पदयात्रा तीसरा पड़ाव छोड़कर चौथे पड़ाव की ओर चली। कोसीकलां निकलते ही रेलमार्ग और हाईवे समानांतर बने हैं।
सुबह 10:30 बजे यात्रा बठैन गेट से आगे कोटवन बार्डर की ओर बढ़ रही थी तभी मथुरा-दिल्ली रेलमार्ग पर तुगलकाबाद से कं टेनर लेकर जा रही पीपीएसपी मालगाड़ी आ गई।
पदयात्रा में शामिल कुछ लोग रेल लाइन पर पहुंच गए और लाल झंडी दिखाकर मालगाड़ी को रुकवाने का प्रयास किया। चालक पूरन सिंह के ट्रेन रोकते ही इन लोगों ने ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। दस मिनट तक अफरातफरी रही।
इंजन के दो आउटडोर और चार साइड कारीडोर के शीशे टूट गए। इसी दौरान मथुरा से दिल्ली की ओर जा रही 19023 मुंबई-फिरोजपुर जनता एक्सप्रेस पर भी पत्थर फेंके गए।
संतों और किसान नेताओं ने सख्ती से ऐसा करने वालों को चेतावनी दी तब यह लोग शांत हुए। मौके पर पुलिस, पीएसी व यमुना रक्षक दल के लोगों ने पत्थर फेंकने वालों को किनारे किया।