करछना (प्रयागराज)। यमुनापार के करछना थाना क्षेत्र के तरौल गांव के मजरा कपूर का पूरा में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना में दो मासूमों संग मां को जिंदा जला दिया गया। मासूमों की लाशें बड़े बक्से में जली हुई अवस्था में मिलीं। महिला बाहर आंगन में पड़ी थी। मां और दो बच्चों की लाशें मिलने से गांव में हाहाकार मच गया। जिसने देखा, कलेजा मुंह को आ गया। महिला के भाई ने पति और ससुर के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। ससुर गिरफ्तार कर लिया गया जबकि, पति की तलाश में दबिश दी जा रही है। पति और पत्नी के बीच अर्से से कलह चल रही थी।
कपूर का पूरा गांव में रहने वाले गणेश कुमार पटेल उर्फ झांपी के घर से गुरुवार की सुबह अचानक चीखपुकार मची तो गांव वाले दौड़ पड़े। अंदर का दृश्य देखकर ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए। गणेश की पत्नी ऊषा देवी (27) आंगन में जली हुई अवस्था में पड़ी थी। अंदर जो हालात थे, उसे देखकर कई लोग उल्टियां करने लगे। ऊषा के दोनों बच्चे अमन (3) और प्रियंका (2) बुरी तरह से झुलसे हुए बड़े वाले बक्से में पड़े थे। ग्राम प्रधान को सूचना दी गई। उन्होंने पुलिस को बुलाया। पति गणेश और ससुर निर्भय घर में नहीं थे। मायके वाले भी रोते बिलखते मौके पर पहुंच गए।
ऊषा के भाई अजीत कुमार ने अपनी बहन और बच्चों को जलाकर मारने व दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए ऊषा के पति व ससुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने ससुर निर्भय लाल पटेल को गिरफ्तार कर लिया। गणेश की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। क्षेत्राधिकारी करछना सच्चिदानंद ने आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सीओ के मुताबिक गणेश और ऊषा के बीच लंबे समय से कलह चल रही थी। मायके वालों ने तहरीर दी है कि एक लाख नकद और बाइक के लिए ऊषा को प्रताड़ित किया जाता था। अक्सर मारपीट की जाती थी।
गर्भवती थी ऊषा?
गांव की महिलाओं का कहना है कि ऊषा चार महीने के गर्भ से थी। अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सही निकलती है तो तीन हत्याएं नहीं बल्कि, चार लोगों की हत्या हुई हैं। पड़ोस की महिलाओं ने बताया कि ऊषा गांव की आशा बहु से उपचार करा रही थी।