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किले में खजाने तक पहुंचने में देरी की वजह क्या है?

Tue, 22 Oct 2013 12:14 PM IST
अमर उजाला, उन्नाव
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पुरातत्व विभाग की खुदाई की रफ्तार अभी और कम होने की संभावना है। जैसे-जैसे किले के अंदर से ईंट और अन्य वस्तुएं मिलने लगेंगी, खुदाई धीमी होती जाएगी।
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जमीन में मिलने वाली दीवारों के अगल-बगल पूरी सफाई से खुदाई कराई जा रहा है। जाहिर है इस काम में ठीक-ठाक समय लग सकता है।

किले की खुदाई शुरू होने के साथ ही एएसआई का सामना कंक्रीट से हो रहा है। नीचे दीवार भी दिखने लगी है। एएसआई अब इन दीवारों के संरक्षित करते हुए नीचे की ओर बढ़ेगी।

दीवार के आसपास यदि कोई और दीवार नहीं मिली तो खुदाई जारी रहेगी लेकिन यदि आसपास कोई और दीवार मिल गई तो एएसआई पहले इन दीवारों को चाकू, ब्रश आदि से साफ करेगी।
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एएसआई किसी भी अवशेष को नुकसान नहीं पहुंचने दे रही है। यदि टुकड़ों में कोई वस्तु मिल रही है तो उसे संरक्षित किया जा रहा है लेकिन यदि दीवार, फर्श मिलता है तो एएसआई उसी स्थान पर इसे संरक्षित कर दे रही है।

एएसआई के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनका काम विशेष प्रकार का होता है। जमीन के अंदर जो चीजें एएसआई को मिलती हैं वह एंटीक होती हैं। यानी वह अमूल्य होता है। इसलिए ऐसी चीजों को संरक्षित किया जाता है।
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जेसीबी से खुदाई का यह है नुकसान
जेसीबी से किला परिसर की खुदाई से कुछ ही घंटों में किले के निचले स्तर पर पहुंचा जा सकता है लेकिन इससे यह कभी पता नहीं चल पाएगा कि जिस समय किला बना था उस समय की सभ्यता कैसी थी।
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