इस वर्ष 24 जनवरी को कड़ाके की सर्दी में कंपकंपाते महाराष्ट्र के तादंडवाडी निवासी किशोर सुमित कुमार को देख झांसी रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी के जवान का माथा ठनका। पूछताछ की तो वह रोने लगा।
दरअसल, मां की डांट से क्षुब्ध होकर घर से भाग निकला था। झांसी में ट्रेन रुकी तो भूख मिटाने के लिए वह ट्रेन से नीचे उतरा। इसी बीच ट्रेन चल पड़ी और वह यहीं छूट गया।
इसी तरह, बीते नौ मई को नई दिल्ली के सरकोजी निवासी संगीता व उसकी दो सहेलियां स्टेशन पर रोती हुईं मिलीं। प्लेटफार्म पर मौजूद कुछ लोगों ने एक युवक को इन किशोरियों के पास मंडराते देखा तो उन्हें संदेह हुआ। जीआरपी को सूचना मिली तो जवानों ने इन तीनों किशोरियों को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की। संगीता ने बताया कि पिता ने डांटा था। गुस्से में घर छोड़ कर चेन्नईमें रहने वाली बहन के पास जा रही थी। उसकी दोनों सहेलियां भी उसके साथ चल पड़ीं।