फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अखिलेश ने ऐसा क्या कहा कि होश उड़े अफसरों के

Thu, 23 May 2013 10:58 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को सरकार की मंशा के खिलाफ नौकरशाही के अड़ंगे की एक आपबीती सुनाई।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि उद्यमियों के काम में रुकावट पैदा करने वाली सरकार तो आप लोगों ने हटा दी, लेकिन कई जगह उनकी मानसिकता वालों से सरकार को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री बुधवार को इंदिरा प्रतिष्ठान में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की ओर से आयोजित उद्यमी महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

सीएम ने बताया कि एक अफसर से उन्होंने एक काम के लिए कहा। काम के लिए पांच महीने का समय दिया। बीच-बीच में पूछते भी रहे। जब पांच महीने होने को आया तो एक दिन कहा कि कल फाइल काम होकर आ जानी चाहिए।
विज्ञापन


अफसर ने दो पन्ने का नोट काम न होने के लिए लगा दिया। फिर उन्हें फोनकर समझाया कि...हंसकर बोलने...सम्मान से बात करने..जलील न करने का यह मतलब? इसके बाद एक दूसरे अफसर को बुलाया। उसने दो पन्ने की आपत्ति का दो लाइन में जवाब दे दिया।

वह अफसर कौन?
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा महीनों तक फाइल लटकाने और बाद में उनके निर्देश के विरुद्ध दो पेज की टिप्पणी लिखकर लाने वाले अफसर के बारे में वाकया सुनाया गया तो उस अफसर के नाम पर कयासबाजी शुरू हो गई।
विज्ञापन


कोई बार-बार तबादले वाले विभाग अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास पर तुक्का लगाता नजर आया तो कोई आवास पर। लेकिन लोगों की इससे भी ज्यादा दिलचस्पी उस अफसर में रही जिसने दो पेज की टिप्पणी का जवाब दो लाइन में लिखकर मुख्यमंत्री की वाहवाही बटोरी। इस अफसर को लेकर भी खूब मगजमारी हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें