बरेली में दो पतियों के साथ 15-15 दिन रहने के पंचों के फैसले के खिलाफ पीड़िता अर्शी एसएसपी के पास पहुंची। अर्शी के साथ निदा खान भी थीं। एसएसपी को शिकायती पत्र देते हुए अर्शी ने कहा कि पहले शौहर ने मेरा बेटा छीन लिया है। मैंने पुलिस की भी सहायता मांगी लेकिन नहीं मिली।
इससे पहले हुए घटनाक्रम में पंचों ने पीड़िता को यह फैसला सुनाया था कि वह 15 दिन अपने पहले पति के साथ रहे और 15 दिन वर्तमान पति के साथ। पुलिस में सुनवाई न होने पर पीड़िता आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्षा निदा खान के पास सहायता के लिए पहुंची थी।
जानकारी के अनुसार बरेली के रिछा निवासी अर्शी का निकाह 2012 में बहेड़ी के लईक से हुई थी लेकिन 2015 में दहेज को लेकर शौहर ने तलाक दे दिया। इस शादी से अर्शी को एक बेटा भी था। जिसके बाद साल 2017 में अर्शी ने दूसरी शादी कर ली।
पिछले साल पूर्व पति लईक ने अर्शी से उसका बेटा छीन लिया। जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस में भी तहरीर दी लेकिन कोई कार्यवाई नहीं हुई। मामला पंचायत में जाने के बाद फैसला आया कि अर्शी को 15-15 दिन दोनों शौहरों के साथ रहना होगा। जिसका पीड़िता ने विरोध किया।
इस दौरान पहला शौहर तलाक से मुकर गया और अर्शी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। जिसके बाद पीड़िता निदा खान के पास सहायता के लिए पहुंची।