राज्य सरकार द्वारा इलाहाबाद को प्रयागराज करने के बाद अब कई अन्य शहरों के नाम भी बदलने की तैयारी है। जिसमें कई शहर और जिलों के नाम शामिल हैं। इसमें बड़ी बात यह है कि जिन शहरों के नाम बदलने की मांग उठ रही है उनमें से अधिकतर मुगलकालीन हैं।
काफी समय पहले से आजमगढ़ को आर्यमगढ़, फैजाबाद को साकेत, अलीगढ़ को हरिगढ़ और मुजफ्फरनगर को लक्ष्मीनगर करने की मांग उठती रही हैं। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ भी इन शहरों को पुराना नाम देने का पक्षधर है। उनके कई प्रकाशनों में भी शहरों का प्राचीन नाम ही लिखा रहता है।
इससे पहले भी भाजपा के कई नेता इन शहरों के नाम को बदलने की बात करते रहे हैं। वर्तमान में बिहार के गवर्नर लालजी टंडन ने भी अपनी किताब 'अनकहा लखनऊ' में लिखा है कि लखनऊ शहर का नाम पहले लक्ष्मनवती, लक्ष्मनपुर और लखनावती हुआ करता था। हालांकि विपक्षी पार्टियों ने इलाहाबाद का नाम बदलने का खूब विरोध भी किया था।