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Varanasi News: गलत नाम-पते से पासपोर्ट बनवा कर सऊदी अरब जा रहा युवक गिरफ्तार, एटीएस ने की कार्रवाई

Sun, 28 Jul 2024 09:29 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: गिरफ्तार नसीरुद्दीन के पास से दो पासपोर्ट सहित लगभग आठ हजार रुपये भी बरामद हुए हैं। उसके खिलाफ वाराणसी के चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराकर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। उसके बाद जेल भेज दिया गया।
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आतंकवाद निरोधक दस्ते ने की कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गलत नाम-पते से पासपोर्ट बनवा कर सऊदी अरब जा रहे मऊ निवासी युवक को आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से हिरासत में लिया। आरोपी की पहचान मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाना के मड़हा निवासी नसरुद्दीन के रूप में हुई है। 

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नसरुद्दीन के पास से दो पासपोर्ट और 8915 रुपये बरामद हुए। नसरुद्दीन के खिलाफ जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज करा कर उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।

आतंकवाद निरोधक दस्ते को सूचना मिली थी कि मऊ जिले के कुछ लोग गलत नाम और पते से पासपोर्ट बनवा कर विदेश यात्रा कर रहे हैं। सूचना को विकसित करने पर सामने आया कि नसरुद्दीन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग नाम से पासपोर्ट बनवा रखा है और विदेश यात्रा भी किया है। 
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इसके आधार पर नसरुद्दीन की निगरानी की जा रही थी। इस बीच पता लगा कि गत 25 जुलाई को नसरुद्दीन सऊदी अरब जाने के लिए बस से लखनऊ जा रहा है। इस पर एटीएस की आजमगढ़ इकाई ने उसे आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से बस से उतारा। 

नसरुद्दीन को एटीएस की वाराणसी इकाई के कार्यालय लाया गया और उसके परिजनों को सूचना दी गई। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नसरुद्दीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।

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गैरेज मालिक के धमकाने पर बनवाया गलत नाम से पासपोर्ट
42 वर्षीय नसरुद्दीन ने बताया कि उसने पहला पासपोर्ट सही नाम-पते पर वर्ष 2000 में बनवाया था। उससे वह सऊदी अरब में रहने वाले अपने भाई नसरुल्ला के पास वर्ष 2001 में गया। वहां वह छह वर्ष तक उसी गैरेज में काम किया। 

उसके बाद गैरेज मालिक स्नेफी से तनख्वाह को लेकर विवाद हो गया। उसने धमकी दी कि सऊदी आने पर बैन लगवा दूंगा। वर्ष 2007 में वह टेंपरेरी पासपोर्ट पर घर आ गया। इसके बाद फर्जी पासपोर्ट के लिए मोहम्मदाबाद गोहना में नसीम के नाम से पासपोर्ट का फार्म भरा। 

उसमें मड़हा निवासी सरीफ व स्व. हफीज गवाह थे। कागजात में उसने फर्जी राशन कार्ड और कक्षा छह व नौ का फर्जी अंकपत्र लगाया। नसीम नाम वाला पासपोर्ट मिला तो वह फिर सऊदी अरब चला गया। वर्ष 2015 में अपना पासपोर्ट नसीम नाम से रिनुअल करा लिया। उसके बाद फिर तीन बार सऊदी अरब गया। वर्ष 2023 में वह अपने वास्तविक नाम नसरुद्दीन पर पासपोर्ट बनवाया। फिर, 14 मार्च 2023 से 07 मार्च 2024 तक सऊदी अरब में रहा।
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