गैरेज मालिक के धमकाने पर बनवाया गलत नाम से पासपोर्ट
42 वर्षीय नसरुद्दीन ने बताया कि उसने पहला पासपोर्ट सही नाम-पते पर वर्ष 2000 में बनवाया था। उससे वह सऊदी अरब में रहने वाले अपने भाई नसरुल्ला के पास वर्ष 2001 में गया। वहां वह छह वर्ष तक उसी गैरेज में काम किया।
उसके बाद गैरेज मालिक स्नेफी से तनख्वाह को लेकर विवाद हो गया। उसने धमकी दी कि सऊदी आने पर बैन लगवा दूंगा। वर्ष 2007 में वह टेंपरेरी पासपोर्ट पर घर आ गया। इसके बाद फर्जी पासपोर्ट के लिए मोहम्मदाबाद गोहना में नसीम के नाम से पासपोर्ट का फार्म भरा।
उसमें मड़हा निवासी सरीफ व स्व. हफीज गवाह थे। कागजात में उसने फर्जी राशन कार्ड और कक्षा छह व नौ का फर्जी अंकपत्र लगाया। नसीम नाम वाला पासपोर्ट मिला तो वह फिर सऊदी अरब चला गया। वर्ष 2015 में अपना पासपोर्ट नसीम नाम से रिनुअल करा लिया। उसके बाद फिर तीन बार सऊदी अरब गया। वर्ष 2023 में वह अपने वास्तविक नाम नसरुद्दीन पर पासपोर्ट बनवाया। फिर, 14 मार्च 2023 से 07 मार्च 2024 तक सऊदी अरब में रहा।