बीएचयू,विद्यापीठ सहित कई संस्था के प्रतिभागी होंगे शामिल
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विश्वविद्यालयों-कॉलेजों के संग्रहालयों में प्रदर्शनी के साथ-साथ अब गंगा घाट के किनारे रेत पर आकृति बनाने का अभियान भी धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता जा रहा है। इसके तहत प्रतिभागी रेत पर अलग-अलग आकृतियों के माध्यम से सामाजिक समस्याओं, देश में घटित घटनाओं को उकेर कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
इसी तरह का एक आयोजन 11 फरवरी को गाजीपुर के ददरी घाट पर होगा। यहां राष्ट्रीय रेत शिल्प, जल रंग प्रतियोगिता में बीएचयू, काशी विद्यापीठ सहित कई संस्थाओं के प्रतिभागी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
संस्कार भारती काशी प्रांत (गाजीपुर) के तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन में प्रतिभागी राष्ट्रीय, सामाजिक मुद्दों पर आकृतियां बनाकर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट करेंगे। इस दौरान जलरंग पेंटिंग कार्यशाला आकर्षण का केंद्र होगी।
खास बात यह है कि आयोजकों की ओर से प्रतिभागियों को आन द स्पॉट ही विषय दिया जाएगा, जिस पर उन्हें रेत पर आकृति बनानी होगी। आयोजन के लिए दस सदस्यीय टीम का गठन किया जा चुका है, जिसमें काशी विद्यापीठ ललित कला विभाग से डॉ. सुनील सिंह कुशवाहा, डॉ. सुनील विश्वकर्मा, गंगापुर कैंपस से डॉ. शशिकांत नाग आदि का नाम शामिल हैं।
डॉ. सुनील कुशवाहा ने बताया कि प्रतियोगिता में निर्मित कृतियों के आधार पर मूल्यांकन होगा, जिसमें श्रेष्ठ सात कृतियों को पुरस्कृत किया जाएगा। बताया कि प्रतियोगिता में करीब 300 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।