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Varanasi: बीएचयू के टीचर्स फ्लैट में मृत मिले युवा वैज्ञानिक, हार्ट अटैक से मौत की आशंका

Thu, 04 May 2023 11:52 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू के भू-भौतिकी विभाग में भूकंप वैज्ञानिक डॉ. रोहतास कुमार परिसर में ही टीचर्स फ्लैट के कमरा नंबर 80 में अकेले रहते थे। गुरुवार को वो अपने कमरे में मृत मिले।
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डॉ. रोहतास कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू के युवा वैज्ञानिक व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोहतास (40) गुरुवार को परिसर स्थित अपने आवास पर मृत मिले हैं। कमरे का ताला तोड़कर उनका शव बाहर निकाला गया। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड की सूचना पर लंका थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। डॉ. रोहतास के दोस्तों ने हार्ट अटैक की वजह से उनकी मौत की आशंका जताई है। असिस्टेंट प्रोफेसर की मौत की सूचना से सहयोगियों और विश्वविद्यालय परिवार में शोक की लहर व्याप्त है।

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हरियाणा के करनाल के मूल निवासी बीएचयू के भू-भौतिकी विभाग में भूकंप वैज्ञानिक डॉ. रोहतास कुमार परिसर में ही टीचर्स फ्लैट के कमरा नंबर 80 में अकेले रहते थे। टीचर्स फ्लैट में रहने वाले लोगों ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 8 बजे वह कूड़े वाले को कचरा देने के लिए बाहर आए थे। तब उन्हें देखा गया था। इसके बाद वह घर के अंदर चले गए।

कॉल रिसीव नहीं हुआ तो दोस्त पहुंचे फ्लैट पर

दोपहर में उनके दोस्तों ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद दोस्त उनके घर पहुंचे। कई बार खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, फिर किसी तरह फ्लैट का मुख्य दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया गया। अंदर वाले कमरे का दरवाजा भी बंद था। इसके बाद दोस्तों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड को जानकारी दी।
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सूचना पर पहुंची प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने दरवाजा तोड़ा तो डॉ. रोहतास बेड पर अचेत पड़े थे। बोर्ड के सदस्य उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लंका थाने की पुलिस ने हरियाणा में रहने वाले परिजनों को घटना की जानकारी दी।  

इंस्पेक्टर लंका अश्वनी पांडेय ने कहा कि डॉ. रोहतास का शव मोर्चरी में रखवाया गया है। कमरे से सुसाइड नोट वगैरह नहीं मिला है। परिजनों के आने पर शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।-
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बीएचयू से ही की थी पीएचडी

डॉ. रोहतास ने वर्ष 2000 में बीएचयू से ही पीएचडी की थी। 2013 तक आईआईटी रुड़की में शोधार्थी के तौर पर काम किया था। 2016 में बीएचयू में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किए गए। उनकी शादी तीन साल पहले नवंबर 2020 में हुई थी। वह सरल स्वभाव के साथ व्यवहार कुशल थे।
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