सूचना पर पहुंची प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम ने दरवाजा तोड़ा तो डॉ. रोहतास बेड पर अचेत पड़े थे। बोर्ड के सदस्य उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लंका थाने की पुलिस ने हरियाणा में रहने वाले परिजनों को घटना की जानकारी दी।
इंस्पेक्टर लंका अश्वनी पांडेय ने कहा कि डॉ. रोहतास का शव मोर्चरी में रखवाया गया है। कमरे से सुसाइड नोट वगैरह नहीं मिला है। परिजनों के आने पर शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।-
डॉ. रोहतास ने वर्ष 2000 में बीएचयू से ही पीएचडी की थी। 2013 तक आईआईटी रुड़की में शोधार्थी के तौर पर काम किया था। 2016 में बीएचयू में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किए गए। उनकी शादी तीन साल पहले नवंबर 2020 में हुई थी। वह सरल स्वभाव के साथ व्यवहार कुशल थे।