फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Year Ender 2024: कई बार सुर्खियों में रहा बीएचयू, IIT के नाम रही सबसे बड़ी उपलब्धि; पढ़ें- रोचक किस्से

Tue, 31 Dec 2024 05:02 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Year Ender 2024 : बीएचयू और आईआईटी बीएचयू इस वर्ष कई बार अपने विवादों और उपलब्धियों की वजह से चर्चा में रहा। पहली बार 11 आईआईटीयंस को 1-1 करोड़ का ऑफर मिला। वहीं 400 करोड़ की 6 परियोजनाओं को मंजूरी मिली। 
विज्ञापन
BHU - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वर्ष 2024 में बीएचयू और आईआईटी-बीएचयू अपनी उपलब्धियों और विवादों को लेकर कई बार सुर्खियों में रहा। सबसे बड़ी उपलब्धि आईआईटी बीएचयू के नाम रही। आईआईटी बीएचयू में कैंपस प्लेसमेंट के इतिहास में पहली बार 11 टेक्नोक्रेट्स को 1-1 करोड़ रुपए से ज्यादा का ऑफर मिला। अधिकतम पैकेज 1.65 करोड़ रुपये तक गया। पहले फेज में 289 कंपनियों की ओर से 1010 छात्र और छात्राओं का कैंपस प्लेसमेंट हुआ।

विज्ञापन


400 करोड़ की 6 परियोजनाओं की सौगात
आईआईटी बीएचयू को 13वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 400 करोड़ की 6 परियोजनाओं की सौगात दी। 524 बेड के दो हॉस्टल और 500 सीटों का आडिटोरियम बनेगा। इनोवेटर्स और वैज्ञानिकों के लिए छह मंजिला सेंटेनरी रिसर्च पार्क का निर्माण होगा।

पहली बार बीएचयू के कॉलेजों में पीएचडी

बीएचयू में पहली बार कॉलेजों को भी पीएचडी छात्र मिलेंगे। सभी चार कॉलेजों में 100 से ज्यादा सीटों पर पीएचडी के लिए प्रवेश दिया जाएगा। एकेडमिक काउंसिल ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाया।

प्रमोशन में गड़बड़ी पर 400 से ज्यादा याचिकाएं दाखिल
  • बीएचयू में प्रमोशन में गड़बड़ी का आरोप लगाकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में 400 से ज्यादा याचिकाएं दाखिल की गईं।
  • बीएचयू में एग्जीक्यूटिव काउंसिल गठित न होने और नियुक्तियों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुलपति के खिलाफ याचिका दायर की गई।

बाबा विश्वनाथ का प्रसादम देखकर तिरुमाला की याद- पूर्व राष्ट्रपति

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बीएचयू में भाषण देते हुए कहा कि बाबा विश्वनाथ का प्रसादम देखकर तिरुपति तिरुमाला प्रसादम प्रकरण की याद आ गई। रात में प्रसाद सामने था तो तुरंत वो बात मेरे मन में खटकी। बाबा विश्वनाथ के प्रसादम में कितना क्या है, मैं उस पर जाना नहीं चाहता, लेकिन ये देश के हर मंदिर की कहानी हो सकती है। हर तीर्थ स्थल में ऐसी घटिया मिलावट हो सकती है। ये जो मिलावट है, इसे हिंदू शास्त्रों में बहुत बड़ा पाप कहा गया है। ये विचारणीय विषय है।
विज्ञापन

काशी विद्यापीठ की ग्रेडिंग बढ़ी पर नहीं मिल सका ए ग्रेड

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के लिए 2024 में कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिली तो कुछ का इंतजार करना पड़ा। एक ओर जहां नैक मूल्यांकन में सी ग्रेड से विश्वविद्यालय को बी डबल प्लस का ग्रेड मिला वहीं ए ग्रेड का सपना पूरा नहीं हो सका। विश्वविद्यालय को 2018 में नैक मूल्यांकन में सी ग्रेड मिला था। इसके बाद से 2023 में मूल्यांकन होना था लेकिन 2024 अक्तूबर में तीन दिन तक दौरे के बाद विश्वविद्यालय को बी डबल प्लस का ग्रेड मिला। हालांकि कुलपति ने ग्रेड सुधार के लिए नैक में आवेदन भी किया है।

इधर पहली बार 19 दिसंबर को विश्वविद्यालय से संबद्ध तीन कालेजों (महारानी गुलाब कुंवरि महिला पीजी कॉलेज पिंडरा, महाराजा बलवंत सिंह पीजी कॉलेज गंगापुर, महारानी बनारस महिला पीजी कॉलेज रामनगर) का दीक्षांत समारोह पहली बार मनाया गया। इसमें कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने छात्राओं को पदक, उपाधि का वितरण किया। इसके अलावा यूपी कॉलेज के आटोनामस होने पर अहम फैसला भी हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें