अपनी हस्तनिर्मित खूबसूरत कालीन के लिए दुनियाभर में मशहूर भदोही की लोकप्रियता में उसके अपनी मेहनत और शानदार क्रिकेट से यशस्वी जायसवाल लगातार इजाफा कर रहे हैं, तभी तो रविवार को अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ विश्वकप में पांचवीं अर्धशतकीय पारी खेलकर क्रिकेट प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
भदोही के सुरियावां नगर के भूपेंद्र जायसवाल और मां कंचन के परिवार में जन्मे यशस्वी बचपन से क्रिकेटर बनना चाहता था। क्रिकेट का जुनून इस कदर हावी था कि वह सचिन जैसा क्रिकेटर बनना चाहता था। शुरू में सीमेंट के पिच पर पिता ने क्रिकेट की एबीसीडी सिखाई। बाद में चाचा ने उसे मुंबई में अपने यहां बुलाया। वहां पर उसने अपने इस सपने को पूरा करने के लिए कैंटीन और डेयरी की दुकान पर काम करने के साथ पानी-पूरी भी बेंचना पड़ा। लेकिन कदम पीछे नहीं खींचे।