कैंट यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के बारे में जानकारी देते डीआरएम मनीष थपल्याल
- फोटो : अमर उजाला
डीआरएम ने बताया कि पहले 70 दिनों में यार्ड रिमॉडलिंग कार्यों को पूरा करने पर सहमति बनी थी, लेकिन युवा अधिकारियों के परिश्रम के चलते हमने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को 45 दिन में पूरा किया। 20 वर्षों से यार्ड रिमॉडलिंग कार्य कराए जाने को लेकर मंथन किया जा रहा था। यह उपलब्धि अब जाकर मिली है। यार्ड रिमॉडलिंग के दौरान 38 किमी की रेलवे लाइन बिछाई गई, जो कि चार स्टेशनों के बराबर हाेती है।
डीआरएम ने बताया कि इस यार्ड रिमॉडलिंग के तहत वृहद 663 रूट इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की स्थापना हुई, जिसमें 283 सिग्नल, 214 प्वाइंट के साथ 6 दिशाओं में ब्लॉक वर्किंग शामिल हैं, जिसमें 158 नए टर्नआउट वाले यार्ड में संशोधन और लगभग 38 किमी के रूट इंटरलॉकिंग के साथ ट्रैक लिंकिंग को उत्तर रेलवे के विभिन्न विभागों के अथक परिश्रम, योजना और समन्वय के बाद शुरू किया गया।