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यादव बंधुओं ने निभाई 88 साल से चली आ रही बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक की परंपरा, गर्भगृह में प्रवेश को लेकर हुई तकरार 

Mon, 06 Jul 2020 07:58 PM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
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वाराणसी में सावन के पहले सोमवार को केदारघाट से जल लेकर बाबा विश्वनाथ मंदिर की ओर जाते यादव समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला।
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सावन के पहले सोमवार को यादव बंधुओं ने 88 साल से चली आ रही बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक की परंपरा का निर्वहन किया। उन्होंने बाबा से महामारी को समाप्त करने की कामना की। वहीं, गर्भगृह में प्रवेश को लेकर यादव बंधुओं और सुरक्षाकर्मियों में विवाद भी हुआ। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें गर्भगृह में जाने की इजाजत मिली। 

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सोमवार को हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए केदारघाट से यादव समाज के पांच लोगों ने गंगा जल लिया। यहां से चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के संरक्षक गोपाल जी यादव ने जलाभिषेक के लिए पांच यादवों के दल को रवाना किया। यह दल सबसे पहले गौरीकेदारेश्वर महादेव मंदिर पहुंचा। इसके बाद तिलभांडेश्वर, शीतला माता, आल्हादेश्वर में जलाभिषेक किया।

वहां से डमरू दल और चंद्रवंशी समिति के ध्वज के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुआ। काशी विश्वनाथ गली, ढुंढीराज गणेश और शनिदेव मंदिर के सामने से होते ही वे विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। चद्रवंशी गोप समिति के प्रदेश अध्यक्ष लालजी यादव के नेतृत्व में उपाध्यक्ष विनय यादव, गोपाल यादव, महानगर अध्यक्ष चंदन यादव, मनोज यादव के अलावा ध्वज लेकर दुर्गा सरदार और डमरू लेकर विष्णु यादव ने मंदिर में प्रवेश किया। 

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जलपात्र में ही जलाभिषेक करने को लेकर हुआ विवाद

बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक। - फोटो : savan Kashi Vishwanath temple in varanasi
लालजी यादव ने बताया कि मंदिर में यदुवंशियों को गर्भगृह में प्रवेश से रोक दिया गया और पहले से लगे जलपात्र में ही जलाभिषेक को कहा गया। यदुवंशियों ने परंपरा का हवाला देते हुए गर्भगृह में जाकर ही जलाभिषेक की बात कही। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। जलाभिषेक से इनकार करते हुए यादवों के दल ने हर-हर, बम-बम का जयकारा शुरू कर दिया।

करीब 40 मिनट बाद अधिकारियों के हस्तक्षेप पर जलपात्र हटाया गया और पांचों यादवों ने गर्भगृह में प्रवेश कर जलाभिषेक की परंपरा का निर्वहन किया। इसके बाद शृंगार गौरी के सामने गमछा निचोड़ने की परंपरा निभाते हुए यदुवंशी महामृत्युंजय महादेव के लिए रवाना हुए। वहां से त्रिलोचन, ओमकालेश्वर और लाटभैरव मंदिर में जलाभिषेक किया। 

काशी विश्वनाथ दल ने भी किया बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक 

काशी विश्वनाथ दल के अध्यक्ष जंत्रलेश्वर के साथ पांच लोगों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। उनके साथ अशोक यादव, राजेश यादव, आलोक यादव और रोहित यादव ने शीतला घाट से गंगा जल लिया और बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचकर जलाभिषेक किया।
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