बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक।
- फोटो : savan Kashi Vishwanath temple in varanasi
लालजी यादव ने बताया कि मंदिर में यदुवंशियों को गर्भगृह में प्रवेश से रोक दिया गया और पहले से लगे जलपात्र में ही जलाभिषेक को कहा गया। यदुवंशियों ने परंपरा का हवाला देते हुए गर्भगृह में जाकर ही जलाभिषेक की बात कही। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। जलाभिषेक से इनकार करते हुए यादवों के दल ने हर-हर, बम-बम का जयकारा शुरू कर दिया।
करीब 40 मिनट बाद अधिकारियों के हस्तक्षेप पर जलपात्र हटाया गया और पांचों यादवों ने गर्भगृह में प्रवेश कर जलाभिषेक की परंपरा का निर्वहन किया। इसके बाद शृंगार गौरी के सामने गमछा निचोड़ने की परंपरा निभाते हुए यदुवंशी महामृत्युंजय महादेव के लिए रवाना हुए। वहां से त्रिलोचन, ओमकालेश्वर और लाटभैरव मंदिर में जलाभिषेक किया।
काशी विश्वनाथ दल ने भी किया बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक
काशी विश्वनाथ दल के अध्यक्ष जंत्रलेश्वर के साथ पांच लोगों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। उनके साथ अशोक यादव, राजेश यादव, आलोक यादव और रोहित यादव ने शीतला घाट से गंगा जल लिया और बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचकर जलाभिषेक किया।