आईआईटी बीएचयू में तीन दिवसीय वार्षिक खेल समारोह स्पर्धा 2018 का समापन हुआ। इसमें अंतरराष्ट्रीय पहलवान सुशील कुमार ने छात्रों को चुनौतियों से लड़ने का मंत्र बताया। सुशील कुमार ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि स्पोर्टसमैन कभी डिप्रेशन में नहीं आता है।
हार-जीत तो हर खेल में लगा रहता है, इससे घबराने की जरूरत नहीं बल्कि तपस्या करते रहने की जरूरत है। जिमखाना मैदान में आयोजित समापन समारोह में सुशील कुमार ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में चुनौतियां आती रहती हैं। उनका डटकर सामना करते रहना चाहिए।
इस तीन दिवसीय वार्षिक खेल में आईआईटी बीएचयू की टीम उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ओवरऑल चैंपियन रही। इसमें बतौर मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय पहलवान सुशील कुमार, विशिष्ट अतिथि कुंजरानी देवी आदि ने विजेता टीम के साथ ही सभी टीमों को पुरस्कृत किया।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन खिलाड़ी कुंजरानी देवी ने कहा कि अब हर खेल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती जा रही है और पदक भी आ रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को बधाई भी दी। अतिथियों का स्वागत खेल परामर्शदाता प्रो.आरएस सिंह ने किया। इस दौरान प्रो. एसके शर्मा, एनटीपीसी के जीएम उत्तम लाल, स्पर्धा संयोजक सौरभ मीना अादि मौजूद रहे।
आईआईटी बीएचयू ओवरऑल चैंपियन
आईआईटी बीएचयू में वार्षिक खेल समारोह
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तीन दिवसीय खेल समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ओवरऑल चैंपियन की ट्राफी आईआईटी बीएचयू को दी गई। इसके अलावा सभी खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीमों को भी ट्रॉफी प्रदान की गई। पुरुष क्रिकेट में आईआईटी दिल्ली और फुटबॉल में बीएसएसएस भोपाल ने जीत हासिल की।
हॉकी के मुकाबले में आईआईटी बीएचयू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि बास्केटबॉल के महिला वर्ग में एमआईटीएस ने जीत हासिल की। इस दौरान स्पर्धा की टीम ने अतिथियों के साथ ही निदेशक प्रो. प्रमोद जैन को भी स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
रेसलिंग में बढ़ रहीं सुविधाएं और मेडल
आईआईटी बीएचयू को चैंपियन की ट्राफी
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अंतरराष्ट्रीय पहलवान सुशील कुमार ने कहा कि रेसलिंग में सुविधाएं बढ़ने के साथ ही अब इस खेल में मेडल भी साल दर साल बढ़ रहे हैं। बताया कि केवल हरियाणा ही नहीं यूपी, कनार्टक, मध्य प्रदेश हर राज्य से खिलाड़ी निकलने लगे हैं। जितना मेडल बढ़ता है, उतनी ही प्रतिस्पर्धा खेल में बढ़ जाती है।
स्वर्ण पदक पाने के लिए परिश्रम जारी है, देशवासियों के आशीर्वाद से जल्द ही यह सपना भी पूरा होगा। आईआईटी बीएचयू गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि खेलो इंडिया के साथ अब यूथ गेम को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत अंडर-17, अंडर-23 कैटगरी में युवाओं को जोड़ने की कोशिश चल रही है।
नरसिंह यादव से जुड़े सवालों पर सुशील ने एक बार फिर सफाई दी और कहा कि इस पूरे प्रकरण से उनका कोई लेनादेना नहीं है। नरसिंह से आज भी मेरे रिश्ते बेहतर हैं। राजनीति में आने के सवालों को खारिज करते हुए कहा कि खेल के माध्यम से ही देश सेवा करने का इरादा है, इसके बाद समय ही नहीं है कि कोई और बात सोचा जाए।