जल संरक्षण की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। मनरेगा से सभी ब्लॉकों में पोखरे और तालाबों की खोदाई कराई गई है। इसके अलावा कुछ सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाई गई है। जहां नहीं लगे हैं वहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाई जाएगी।- मधुसूदन हुल्गी मुख्य विकास अधिकारी
जल संकट का प्रभाव
-गर्मी में तेजी से सूखेंगे हैंडपंप और कुएं
-सिंचाई के लिए नसीब नहीं होगा पानी
-पीने के पानी के लिए मचेगा हाहाकार
-पालतू जानवरों के लिए खड़ी होगी समस्या
समाधान
-रोकी जाए पानी की बर्बादी
-गर्मी आने से पहले नलों की हो मरम्मत
-रेन वाटर हार्वेस्टिंग की हो व्यवस्था
-टपका सिंचाई का संयंत्र लगाया जाए
ब्लाकवार जल स्तर मीटर में
आराजीलाइन ब्लाक
वर्ष 2019 : मानसून पूर्व 16.78, मानसून बाद 10.82
वर्ष 2020 : मानसून पूर्व 15.42, मानसून बाद 10.79
बड़ागांव ब्लाक
वर्ष 2019 : मानसून पूर्व 11.44, मानसून बाद 09.22
वर्ष 2020 : मानसून पूर्व 11.25, मानसून बाद 08.06
चिरईगांव ब्लाक
वर्ष 2019 : मानसून पूर्व 12.04, मानसून बाद 08.85
वर्ष 2020 : मानसून पूर्व 13.28, मानसून बाद 07.45
चोलापुर ब्लाक
वर्ष 2019 : मानसून पूर्व 09.00, मानसून बाद 06.00
वर्ष 2020 : मानसून पूर्व 09.00, मानसून बाद 06.00
हरहुआ ब्लाक
वर्ष 2019 : मानसून पूर्व 15.43, मानसून बाद 14.40
वर्ष 2020 : मानसून पूर्व 15.97, मानसून बाद 14.80
काशी विद्यापीठ ब्लाक
वर्ष 2019 : मानसून पूर्व 14.15, मानसून बाद 10.36
वर्ष 2020 : मानसून पूर्व 12.82, मानसून बाद 07.79
पिंडरा ब्लाक
वर्ष 2019 : मानसून पूर्व 14.99, मानसून बाद 12.59
वर्ष 2020 : मानसून पूर्व 16.49, मानसून बाद 13.29
सेवापुरी ब्लाक
वर्ष 2019 : मानसून पूर्व 12.84, मानसून बाद 08.82
वर्ष 2020 : मानसून पूर्व 13.11, मानसून बाद 07.23
916.641 मिलीमीटर-औसत वर्षा
80 फीसद-भू-जल से सिंचाई कार्य
85 फीसद-भू-जल से औद्योगिक कार्य
95 फीसद-भू-जल से पेयजल कार्य
पानी बचाने का लें संकल्प-
शॉवर, स्वीमिंग पुल और बाथ टब की बजाय सामान्य रूप से नहाने से बचेगा पानी
वॉशिंग मशीन में कपड़ा धोने से पानी ज्यादा खर्च होता है इसलिए कम कपड़े हैं तो हाथ से धोएं
बर्तन धोने के लिए नल की जगह बाल्टी या टब का इस्तेमाल करके पानी बचाया जा सकता है
टूथ ब्रश करते समय यदि नल लगातार खुला रहता है तो एक बार में 4-5 लीटर पानी बह जाता है, इसलिए नल खुला न छोड़ें।
कार साफ करने के लिए बाल्टी में इस्तेमाल करें, इससे हर बार आप करीब 130 लीटर पानी बचा सकते हैं।
बाथरूम में लीकेज से पानी बर्बाद हो जाता है, इसलिए तुरंत सुधरवा लिया जाना चाहिए।
प्रत्येक आरओ मशीन में हर साल करीब 14 हजार लीटर पानी नष्ट होता है इस पानी का इस्तेमाल पेड़-पौधों को सींचने और गाड़ी धोने में किया जा सकता है।