विश्व डाक दिवस से जुड़ी रोचक जानकारियां
- विश्व डाक दिवस मनाने के लिए हर साल एक नई थीम होती है। साल विश्व डाक दिवस 2022 की थीम 'पोस्ट फॉर प्लैनेट' है। इस थीम का उद्देश्य बढ़ते क्लाइमेट क्राइसिस से बचने के लिए और पृथ्वी की रक्षा के लिए डाक सेवा की भूमिका तय करना है।
- दुनिया की लगभग 82 फीसदी आबादी को डाक के जरिए होम डिलीवरी की सुविधा मिलती है। 77 प्रतिशत लोग ऑनलाइन भी डाक सेवा का फायदा उठाते हैं।
भारतीय डाक सेवा की रोचक बातें
- दुनिया की पहली आधिकारिक एयरमेल उड़ान भारत से शुरू हुई थी।
- 18 फरवरी 1911 को पहला आधिकारिक मेल किया गया था। एक फ्रांसीसी पायलट हेनरी पेक्वेट ने अपने हंबर बाइप्लेन पर एक बोरी भरकर डाक रखे थे। बोरी में लगभग 6 हजार कार्ड और पत्र थे। फ्लाइट की उड़ान भारत से शुरू हुई थी।
- आजाद भारत में पहला आधिकारिक डाक टिकट 21 नवंबर 1947 को जारी किया गया।
- ए डाक टिकट में 'जय हिंद' लिखा था और साथ ही भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को दर्शाया गया।
- जब देश आजाद हुआ, उस समय तक भारत में 23,344 डाकघर थे।
- आज भारत विश्व का सबसे बड़ा पोस्टल नेटवर्क है।