फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Kidney Day: बीपी-शुगर ज्यादा होने से किडनी खराब होने का खतरा, BHU में हर दिन पहुंच रहे हैं 300 मरीज

Thu, 14 Mar 2024 04:43 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

World Kidney Day: बीपी, शुगर वाले मरीजों को साल में दो बार स्क्रीनिंग करवानी चाहिए, इससे किडनी को बचाया जा सकता है। बहुत से लोग दर्द निवारक दवाइयों का सेवन भी करते हैं, इससे भी यह बीमारी बढ़ती है। किडनी की बीमारी के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 14 मार्च को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। इस साल की थीम सभी के लिए किडनी स्वास्थ्य है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्लड प्रेशर (बीपी) और शुगर का नियंत्रित रहना बहुत जरूरी है। अगर किसी का शुगर ज्यादा है और बीपी भी बढ़ रहा है तो इससे किडनी के खराब होने का खतरा है। बीएचयू अस्पताल में नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, इंडोक्राइनोलॉजी को मिलाकर हर दिन ऐसे करीब 300 लोग ओपीडी में पहुंच रहे हैं, जिनको किडनी संबंधी समस्या है।

विज्ञापन


डॉक्टरों के अनुसार, इन मरीजों में 100 से अधिक मरीजों की उम्र 40 से 50 साल के बीच हैं। बीपी, शुगर वाले मरीजों को साल में दो बार स्क्रीनिंग करवानी चाहिए, इससे किडनी को बचाया जा सकता है। बहुत से लोग दर्द निवारक दवाइयों का सेवन भी करते हैं, इससे भी यह बीमारी बढ़ती है। किडनी की बीमारी के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 14 मार्च को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। इस साल की थीम सभी के लिए किडनी स्वास्थ्य है।

Trending Videos

डायलिसिस कराने वाले 50 प्रतिशत मधुमेह रोगी

आईएमएस बीएचयू के नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. शिवेंद्र सिंह का कहना है कि किडनी की बीमारी साल दर साल बढ़ती जा रही है। ओपीडी में आने वाले 400 मरीजों में आधे से अधिक की जांच में बीपी और मधुमेह अनियंत्रित मिलता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीएचयू अस्पताल में डायलिसिस कराने वालों में 50 प्रतिशत मधुमेह रोगी हैं।

मधुमेह रोगियों को ज्यादा सतर्कता की जरूरत
बीएचयू में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रो. एनके अग्रवाल कहते हैं कि ओपीडी में 30 से 40 फीसदी ऐसे मरीज आते हैं, जिनका शुगर अधिक होने की वजह से किडनी पर असर पड़ रहा है। ऐसे मरीजों को नेफ्रोलॉजी विभाग रेफर किया जाता है। मधुमेह के बढ़ने का सीधा असर किडनी पर पड़ता है। चिकित्सकीय भाषा में कहे तो क्रोनिक किडनी डिजीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

खानपान हो सही तो किडनी की बीमारी से मिलेगी राहत
यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. समीर त्रिवेदी के अनुसार किडनी में पथरी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। इसमें 15 से 20 साल से लेकर 30 से 50 साल तक के मरीज आ रहे हैं। इसकी वजह अनियमित जीवन शैली के साथ ही सही तरीके का खानपान न होना है। मरीजों को जांच, इलाज के साथ ही सही आहार लेने की सलाह दी जाती है।
विज्ञापन

पंचकर्म से भी किडनी की बीमारी पर नियंत्रण

राजकीय आयुर्वेद कॉलेज चौकाघाट में काय चिकित्सा एवं पंचकर्म विभाग के डॉ. अजय कुमार का कहना है कि दर्द निवारक दवाइयों का अधिक प्रयोग, पानी की कमी, बीपी अनियंत्रित होना किडनी की बीमारी को बढ़ावा देने के प्रमुख कारण है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति इस बीमारी के निदान में सहायक है। पंचकर्म चिकित्सा से इसका इलाज किया जाता है।

ये बरतें सावधानी
  • बीपी और शुगर पर नियंत्रण रखें। इसकी जांच कराते रहें।
  • दिन में कम से कम तीन से चार लीटर पानी पीना चाहिए।
  • नारियल पानी पीना चाहिए। इसमें पौटैशियम, मैग्निशयम ज्यादा होता है, जो पथरी बनने से रोकता है।
  • दाल, ओट्स का सेवन करना चाहिए, इसमें पथरी रोधक गुण होते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें