साउथ कोरिया की अईजू हांग
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साउथ कोरिया की अईजू हांग ने बताया कि जब वह पहली बार बनारस घूमने आई थीं। तब यहां के लोग और यहां की संस्कृति काफी अच्छी लगी थी। वह यहां कुछ दिनों तक रहीं उसके बाद उन्हें हिंदी सीखने का मन हुआ। बताती हैं हिंदी बोल लेती हैं पर इसका व्याकरण और अच्छे से सीखना चाहती हैं ताकि अपने देश के लोगों को भी इससे जोड़ सकें।
अमेरिका की लूना मेंडेज हिंदी भाषा में जो प्रेम है वो दिलों को जोड़ने वाला है। इस भाषा में भावनाओं के लिए अलग-अलग शब्द हैं, यह तब समझ में आया जब हिंदी सीखा और इसके जरिये लोगों से संपर्क करना शुरू किया। अंग्रेजी में भावनाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक शब्द है, उसके लिए हिंदी में कई शब्द है। आप शब्दों के जरिये अपने दिलों की बात लोगों को आसानी से बता सकते हैं।
अमेरिका के माइकल ने बताया वह भारत संगीत सीखने आये थे। उन्होंने हिंदी सीखने के बाद प्रयागराज में रह कर संगीत सीखा। संगीत सीखते-सीखते हिंदी भाषा से इतना लगाव हो गया कि वह इससे जुड़े रहने के लिए बनारस में लोगों को हिंदी सीखाने लगे। उन्होंने बताया कि अपने देश के लोगों को भी हिंदी सीखाते हैं ताकि वह भारत भ्रमण करने आये तो उन्हें किसी प्रकार की परेशानी ना हो।
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