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इस कारण से स्थगित हुई विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला, इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा

Wed, 26 Sep 2018 09:44 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में गंगा के उस पार रामनगर में होने वाली विश्व प्रसिद्ध रामलीला बुधवार को स्थगित कर दी गई।  मुख्य स्वरूपों के बीमार होने के कारण यह फैसला लिया गया।  शत्रुध्न बने अंश झा और लक्ष्मण बने पात्र शशांक व्यास को डायरिया की चपेट में आने से लाल बहादुर चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
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उधर, राम बने पात्र की भी तबियत खराब है। इससे बुधवार को लीला स्थगित कर दी गई। रात साढ़े आठ बजे आरती कर लीला का समापन किया गया। वैसे रामलीला के इतिहास में संभवत: पहली बार ऐसा हुआ जब दो पात्रों के बीमार होने के कारण लीला स्थगित करनी पड़ी। बरसात के कारण तो कई बार लीला स्थगित हो चुकी है।

पढ़ेंः विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला आरंभ, पहले दिन जन्मा रावण, अत्याचार से डोली धरती
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बीमार हुए पात्र मलहिया टोला स्थित धर्मशाला में रहते हैं। यहां डायरिया फैली हुई है। मुख्य पात्रों को भी सरकारी नलों का पानी पिलाया जाता है। दूषित पानी से डायरिया फैली है। बता दें कि रामनगर में दो सौ साल पुरानी रामलीला में आज भी प्राचीन परंपराओं का पालन होता है। 
 

अलग है रामनगर की रामलीला

- फोटो : अमर उजाला
21वीं सदी में भी बनारस में कई पुरानी परम्पराएं मौजूद हैं और इन्हीं में से एक है रामनगर की मशहूर रामलीला। काशी के दक्षिण में गंगा के किनारे मौजूद 'उपकाशी' को ही रामनगर कहा जाता है। 233 साल पुरानी रामनगर की रामलीला पेट्रोमेक्स और मशाल की रोशनी में अपनी आवाज़ के दम पर होती है।

बीच-बीच में ख़ास घटनाओं के वक्त आतिशबाजी जरूर देखने को मिलती है। न तो बिजली की रोशनी और न ही लाउडस्पीकर। साधारण सा मंच और खुला आसमान, यही है इस रामलीला की पहचान। 
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रामनगर की रामलीला के मद्देनजर रूट डायवर्जन की व्यवस्था


रामनगर की रामलीला में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर यातायात पुलिस की ओर से रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। बुधवार को रामनगर रामलीला समिति के पदाधिकारियों के साथ लीला स्थलों का निरीक्षण करने के बाद यह व्यवस्था एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत ने की। बताया कि रूट डायवर्जन और यातायात व्यवस्था के मद्देनजर पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी लीला स्थल के आसपास तैनात किए जाएंगे।

- 27 सितंबर को लीला का मंचन जनकपुर पीएसी के सामने होगा। इसके मद्देनजर शाम पांच बजे से रात 10 बजे तक पीएसी तिराहा से रामनगर चौक तक समस्त वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान वाहन दुर्गा मंदिर पंचवटी मार्ग से जाएंगे।
- 28 और 29 सितंबर को लाला किला के समीप अयोध्या और पीएसी के निकट जनकपुर के बीच होगी। इसके मद्देनजर शाम पांच से रात नौ बजे तक सामने घाट से रामनगर चौक और पीएसी तिराहा तक तीन और चार पहिया वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान वाहन सामने घाट तिराहा से विश्व सुंदरी पुल, टेंगरा मोड़ होकर जाएंगे।
- 30 सितंबर और एक अक्तूबर को लीला का मंचन किला के निकट अयोध्या में होगा। इसके मद्देनजर शाम पांच से रात नौ बजे तक सामने घाट तिराहा से रामनगर चौक के बीच वाहन नहीं जाएंगे। इस दौरान वाहन सामने घाट तिराहा से विश्व सुंदरी पुल, टेंगरा मोड़ होकर जाएंगे।
- दो से 20 अक्तूबर तक लीला का मंचन चित्रकूट, पंचवटी और लंका में होगी। इसके मद्देनजर पीएसी तिराहा, दुर्गा मंदिर, पंचवटी, लंका और कटरिया मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही शाम पांच से रात नौ बजे तब प्रतिबंधित रहेगी। हल्के वाहन रामनगर चौक होते हुए आ-जा सकेंगे।
- 21 से 23 अक्तूबर तक लीला का मंचन किला के निकट अयोध्या में होगा। इसके मद्देनजर शाम पांच से रात नौ बजे तक सामने घाट तिराहा से रामनगर चौक के बीच वाहन नहीं जाएंगे। इस दौरान वाहन सामने घाट तिराहा से विश्व सुंदरी पुल, टेंगरा मोड़ होकर जाएंगे।
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