यह है कारण :
- बेतरतीब और सटकर बने बहुमंजिला भवन।
- सूर्य की रोशनी अवशोषित होने के लिए न तो खुली जगह है और न ही पेड़-पौधे।
- कंक्रीट और डामर से बनीं सड़कें और फुटपाथ।
- एसी का ज्यादा इस्तेमाल।
- कृषि भूमि का क्षेत्रफल घटना।
- पेड़ों ज्यादा काटे गए, नए पौधे कम लगे।
- कई तालाब पाटकर कॉलोनियां बसा दी गईं।
क्या है हीट जोन :
बेतरतीब और सटाकर बनते घरों और ऊंची इमारतों के कारण सरफेस एरिया बढ़ जाता है। इसके कारण गर्मी तेजी से बढ़ती है। इसे ही अरबन हीट आईलैंड इफेक्ट (हीट जोन) के तौर पर जाना जाता है। यहां का तापमान तुलनात्मक रूप से तीन से चार डिग्री तक अधिक रहता है।