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World Brain Tumor Day: मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल मस्तिष्क पर डाल रहा असर, हर हफ्ते अस्पताल पहुंच रहे 4 बच्चे

Sat, 08 Jun 2024 05:21 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में हर सप्ताह ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिनमें ट्यूमर के लक्षण दिख रहे हैं। हर हफ्ते आठ मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं, जिनमें चार बच्चे शामिल हैं। ऐसे में डॉक्टर सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। 
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World Brain Tumor Day 2024 - फोटो : istock
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विस्तार
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मोबाइल फोन का अधिक प्रयोग मस्तिष्क पर असर डाल रहा है। इससे दिमाग संबंधी सामान्य बीमारियों के साथ ही ब्रेन ट्यूमर का भी खतरा बढ़ गया है। आईएमएस बीएचयू के न्यूरोलॉजी विभाग में हर सप्ताह ऐसे 8 मरीज आ रहे हैं, जिनमें जांच के बाद ब्रेन ट्यूमर जैसे लक्षण मिल रहे हैं। चिंता की बात यह है कि इसमें 3 से 4 मरीज 18 साल से कम उम्र के हैं।
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न्यूरोलॉजी विभाग में अब इसको लेकर नए सिरे से अध्ययन शुरू हो गया है। इसमें बाल रोग विभाग, मनोचिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागों के डॉक्टरों का भी इसमें सहयोग लिया जा रहा है। ब्रेन ट्यूमर यानी मस्तिष्क का कैंसर के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 8 जून को विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस मनाया जाता है।

न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. विजयनाथ मिश्रा का कहना है कि सप्ताह में करीब आठ मरीज ऐसे मिल रहे हैं, जिनमें ब्रेन ट्यूमर के प्राथमिक स्टेज की पुष्टि होती है। इसमें 3-4 बच्चे हर सप्ताह इस समस्या वाले आ रहे हैं। हालांकि हर ट्यूमर खतरनाक नहीं होता है। इनमें कुछ ऐसे है कि अगर समय से इलाज शुरू हो जाए तो जड़ से छुटकारा पाया जा सकता है।
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गंगा-वरुणा किनारे रहने वालों में समस्या ज्यादा

गंगा और वरुणा किनारे रहने वालों में भी ब्रेन ट्यूमर की समस्या मिल रही है। प्रो. मिश्रा के अनुसार गंगा जल में धातुओं में प्रदूषण की मात्रा अधिक है। किनारे रहने वाले इसी पानी का प्रयोग ज्यादा करते हैं। इन जगहों के मरीजों का ब्रेन ट्यूमर का इलाज भी चल रहा है। समय-समय पर वरुणा किनारे रहने वालों की जांच कर सैंपलिंग भी की जाती है। इसमें पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल हैं।

मस्तिष्क पर ज्यादा असर डालता है मोबाइल
बीएचयू बाल रोग विभाग की प्रो. विनीता गुप्ता का कहना है कि मोबाइल के अधिक प्रयोग का असर बच्चों के मस्तिष्क पर पड़ता है। मोबाइल से रेडियो एक्टिव तरंगें निकलती हैं, ये बहुत खतरनाक होतीं हैं। बड़े हों या बच्चे बहुत सारे लोग मोबाइल का प्रयोग कर उसको सिर के पास रख देते हैं। इस तरह की छोटी सी लापरवाही भी ब्रेन ट्यूमर होने की संभावना बढ़ जाती है।
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ब्रेन ट्यूमर के लक्षण

असहनीय सिरदर्द, आंख से स्पष्ट न दिखना, उल्टी आना, आंख में दर्द होना, चक्कर आना। किसी को घर परिवार के लोगों को सही से न पहचानने, बोलने में आवाज लड़खड़ाने की समस्या।

ये बरतें सावधानी
  • मोबाइल से लंबे समय तक बात नहीं करनी चाहिए।
  • सोते समय मोबाइल को दूर रखना चाहिए।
  • सिरदर्द, धुंधलापन दिखना, चक्कर आने जैसी समस्या पर तुरंत जांच करवाएं।
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