फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लकड़ी के खिलौनों ने तय किया विदेश तक का सफर

विज्ञापन
विज्ञापन
एक जिला एक उत्पाद में शामिल बनारसी लकड़ी खिलौनों की मांग पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। बाल मन को भाने वाले रंग बिरंगे खिलौनों और आकर्षक साज सज्जा वाले लकड़ी के उत्पाद काफी पसंद किए जा रहे हैं। विदेश तक में बनारसी लकड़ी खिलौनों की मांग बढ़ने से हस्तशिल्पियों की आर्थिक स्थिति जहां सुधरी तो वहीं काशी का मान भी बढ़ा।
विज्ञापन

लॉकडाउन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लकड़ी खिलौनों को प्रोत्साहित करके उन्हें वोकल फॉर लोकल से जोड़ने की बात कही तो यह उद्योग चमक उठा। खोजवा स्थित कश्मीरीगंज लकड़ी के खिलौने के कलस्टर में भी हस्तशिल्पियों की संख्या बढ़ी है। जिला उद्योग केंद्र और ओडीओपी के तहत प्रशिक्षण देकर उनके हुनर को तराशा भी जा रहा है। परंपरागत उद्योग धंधे से जो मुंह मोड़ रहे थे अब वह इस धंधे में ही ठीक ठाक आमदनी अर्जित कर रहे हैं। पिछले कुछ माह के दौरान यूरोपीय देशों में भी लकड़ी खिलौने और सजावट से संबंधित उत्पादों का निर्यात हुआ।
खोजवा कश्मीरीगंज के रहने वाले नेशनल अवार्डी गोदावरी सिंह का परिवार लकड़ी के खिलौनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेच रहा है। गोदावरी सिंह के अनुसार बनारस में लकड़ी खिलौने तैयार करने वाले लगभग ढाई हजार हस्त शिल्पी हैं। सभी के काम धंधे ठीक ठाक चल रहे हैं। प्रदेश सरकार ने इस धंधे को आगे बढ़ाने के लिए बहुत प्रयास किया, मसलन नए हस्तशिल्पियों को हुनरमंद बनाने के लिए उन्हें दो महीने का प्रशिक्षण दिया गया, प्रशिक्षण के दौरान तीन-तीन सौ रुपये भी मिले, ताकि उनका उत्साह बना रहे। खोजवा के ही शिल्पी राज कुंदेर के अनुसार इस समय काम बहुत अच्छा चल रहा है, शादी विवाह का लग्न होने के कारण लकड़ी की सिंदूर दानी सहित मंडप के सामान, लकड़ी के तोता की इस समय खूब मांग है।
विज्ञापन

लकड़ी के खिलौनों का विदेश से मिला आर्डर
हस्तशिल्पी सुनील कुमार विश्वकर्मा के अनुसार अभी हाल में ही साज सज्जा और खिलौनों का आर्डर प्रयाग्वे, यूएस और आस्ट्रेलिया से आया है। लकड़ी का ट्रक, आटो रिक्शा, वाइन बॉटल, फ्लावर पॉट, रशियन डॉल, लट्टू आदि खिलौने वहां भेजे जाएंगे।
कोरैया लकड़ी मिले तो बढ़ सकता है कारोबार
हस्तशिल्पियों के अनुसार कोरैया लकड़ी पर प्रतिबंध है। इन लकड़ियों से खिलौने अच्छे बनते हैं, उनमें चमक होती है। बिहार से आने वाली कोरैया लकड़ी से प्रतिबंध हट जाए तो बनारसी खिलौने का कारोबार और ज्यादा बढ़ सकता है। इस समय यूकेलिप्टस की लकड़ी से खिलौने तैयार किए जाते हैं।
एक जिला एक उत्पाद के तहत काशी के लकड़ी के खिलौनों को भी शामिल किया गया है। इसके तहत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाया जाता है। मार्केटिंग और ब्रांडिंग में भी हस्तशिल्पियों की मदद की जाती है।
विज्ञापन

- वीके वर्मा, सहायक उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग व प्रोत्साहन केंद्र
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें