डीएम पीके उपाध्याय ने महिला को समझा बुझाकर शांत किया।
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अपनी जमीन पर कब्जा खाली कराने के लिए अफसरों का चक्कर काट चुकी सोनभद्र के दूबेपुर गांव की निराश्रित राजकुमारी सोमवार को कलेक्ट्रेट आत्मदाह करने पहुंच गईं।
प्रभारी मंत्री अर्चना पांडेय के आगमन की सूचना पर उसके बोतल में पेट्रोल लेकर पहुंचने की भनक लगते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। डीएम पीके उपाध्याय ने महिला को समझा बुझाकर शांत किया।
भरोसा दिलाया कि मंत्री की समीक्षा बैठक समाप्त होने के बाद उसके साथ एसडीएम समेत अन्य कर्मचारी मौके पर जाएंगे और उसके साथ न्याय होगा। राजकुमारी का कहना है कि उसकी काश्त की भूमि पर पड़ोसी ने अवैध कब्जा कर रखा है।
कई बार तहसील दिवस और थाने को भूमि खाली कराने के लिए प्रार्थना पत्र दे चुकी है, लेकिन अभी उसे न्याय नहीं मिला। पति की मौत हो चुकी है। तहसील एवं पुलिस अधिकारियों के यहां चक्कर लगाते-लगाते थक चुकी हूं।
न्याय न मिलने के कारण आत्महत्या करने का फैसला लिया है। डीएम ने पीड़िता को आश्वासन दिलाया कि मंत्री की समीक्षा बैठक के बाद उसके साथ एसडीएम, सीओ समेत अन्य कर्मचारी मौके पर जाएंगे और उसकी भूमि खाली करवाएंगे।
डीएम ने महिला को कक्ष में बैठाया। महिला के पेट्रोल फेंकने के बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।