ग्रामीणों ने यूपी 100 पर पुलिस और फायर ब्रिगेड को भी सूचित किया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने जेसीबी से खुदाई शुरू की। थानेदार शशि प्रकाश चौधरी की देखरेख में खुदाई चलती रही लेकिन सफलता नहीं मिली थी। नौ बजे तहसीलदार ज्ञानेंद्र सिंह ने एनडीआरएफ को सूचना दी। दोपहर दो बजे एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर रोहित भरद्वाज 30 सदस्यीय टीम के साथ पहुंचे। तब तक 45 फीट गहराई तक खुदाई की जा चुकी थी और महिला दिखाई देने लगी थी।
एनडीआरएफ की टीम ने 2:10 बजे महिला को बाहर निकाला गया। मौके पर ही उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर महिला धंसी थी, वहां चार दशक पहले कुआं था। उसे मिट्टी से पाट दिया गया था। लगातार चार दिनों तक हुई बारिश के बाद कुएं की मिट्टी दलदल हो गई थी, जिसके चलते हादसा हुआ।