बंशीपुर (राजपुर), भीखीपुर और प्रतापपुर गांव में जंगली जानवर के हमले में एक युवक, एक बुजुर्ग और चार मवेशी घायल हो गए। जबकि, एक बकरी की मौत हो गई। ग्रामीणों ने मिर्जामुराद थाने की पुलिस को सूचना दी कि भेड़िया हमला किया था। सूचना पाकर मंगलवार को पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची। वन विभाग की टीम के अनुसार गांव में सियार के पैरों के निशान मिले हैं। एक सियार दिखा भी था, मगर उसका पीछा करने पर वह धान के खेत में छुप गया। भेड़िया के हमले की बात सही नहीं है।
बंशीपुर (राजपुर) गांव में रविवार की देर शाम कैलाश यादव के दरवाजे पर खूंटे से बंधी एक भैंस पर जंगली जानवर ने हमला किया। भैंस की आवाज सुनकर नितेश यादव (22) लाठी लेकर दौड़ा। जंगली जानवर ने नितेश पर हमला कर उसको घायल कर दिया।
नितेश की आवाज सुन कर उसकी बड़ी मां राजमनी यादव (50) आईं तो जंगली जानवर उनको भी दौड़ा लिया। इस वजह से वह सड़क पर गिरकर घायल हो गई। उनके दरवाजे पर बंधी दो भैंस और एक पड़िया पर जंगली जानवर ने हमला कर उन्हें भी घायल कर दिया।
परिवार और आसपास के लोग शोर मचाते हुए लाठी-डंडा लेकर दौड़े तो जंगली जानवर धान के खेत की ओर भाग गया। सूचना पाकर मिर्जामुराद थाने की पुलिस पहुंची और तलाशी अभियान चला। ग्रामीणों ने कहा कि घटनास्थल से लगभग सौ मीटर की दूरी पर उन्होंने धान के खेत में तीन भेड़िया देखा था। टॉर्च की रोशनी पड़ते ही तीनों भाग निकले। वहीं, भीखीपुर गांव निवासी दयाराम (60) भी रविवार की देर सिवान की तरफ जाकर शौच कर रहे थे। उन पर भी जंगली जानवर ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। उधर, प्रतापपुर गांव में मंगलवार को बच्चे लाल पटेल की बकरी खेत में चर रही थी। जंगली जानवर के हमले में बकरी की मौत हो गई।