वाराणसी। गंगा तट और उसके आसपास के अवैध निर्माणों पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद की नाराजगी के मद्देनजर वाराणसी विकास प्राधिकरण ने शुक्रवार से अभियान चला कर एक बार फिर कार्रवाई शुरू की।
अस्सी से खिड़किया घाट तक आधा दर्जन से अधिक अवैध निर्माणों पर वीडीए का हथौड़ा चला। इस बीच, जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने दशाश्वमेध घाट से सिंधिया और चौसट्टी घाट तक नाव से घूम कर कार्रवाई का जायजा लिया।
साथ ही, मानीटरिंग के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित करते हुए निर्देश दिया कि चौबीस घंटे के अंदर चिह्नित अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर लिया जाए। शनिवार को जिलाधिकारी फिर निरीक्षण करेंगे।
कौटिल्य सोसायटी की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने नाराजगी जताते हुए सामने घाट से राजघाट के बीच गंगा तट के अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश जिलाधिकारी और विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष को दिया था।
मामले की सुनवाई की अगली तिथि आठ जनवरी निर्धारित की गई है। उच्च न्यायालय की नाराजगी के भय से अस्सी घाट, जैन घाट, चौसट्टी घाट, हरिश्चंद्र घाट, सिंधिया घाट और खिड़किया घाट स्थित अवैध निर्माणों के खिलाफ शुक्रवार से फिर कार्रवाई शुरू कर दी गई।
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध की स्थिति से बचाव के लिए सभी स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। निरीक्षण से पहले जिलाधिकारी ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में दशाश्वमेध स्थित जल पुलिस थाने पर बैठक भी की।
कार्रवाई के दौरान वीडीए उपाध्यक्ष सर्वज्ञ राम मिश्र, सचिव एमपी सिंह, तहसीलदार डीके सिंह, अधिशासी अभियंता आरएस चौधरी, अवर अभियंता बीएन सिंह सहित वीडीए के सभी जोनल अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।