रिपोर्ट आने के पूर्व ही हम लोगों ने कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन शुरू कर दिया। जांच के दो दिन बाद जब हमारी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो हम सभी ने कोविड-19 के प्रोटोकॉल के अनुसार दवाएं लेना प्रारंभ कर दिया एवं परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कमरे में ही आइसोलेट हो गए। जांच में मेरी माता जी की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी किंतु उसके बाद भी मैंने उन्हें कोविड-19 की समस्त दवाइयां एवं दिनचर्या के अन्य कार्यों का अनुपालन कराया।
मैं यहां बताना चाहूंगा कि परिवार के कुछ सदस्यों को बुखार आया था एवं कुछ को स्वाद और गंध पता नहीं चल रही थी। दवाओं एवं दिनचर्या का परिणाम यह था कि किसी को भी ऑक्सीजन का लेवल 98 से नीचे नहीं गया और यदि कभी हम में से किसी का लेवल 98 से नीचे दिखाता था तो हम तुरंत ही गहरी गहरी सांस भरकर योग करना शुरू कर देते थे और दो मिनट के अंदर ही हमारा ऑक्सीजन लेवल पुन: 99 हो जाता था। ठीक 14 दिन बाद अपना पुन: टेस्ट कराया और हमारी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई।
सुबह की शुरूआत धूप और योग से
डॉ. केके सिंह ने बताया कि हम सभी लोग सुबह छह बजे उठकर छत पर चले जाते थे। वहां पर दूरी बनाकर आधे घंटे टहलना। उसके बाद सुबह की धूप में आधे घंटे योगा। योगा में विशेष रूप से अनुलोम विलोम, कपालभाति एवं प्राणायाम महत्वपूर्ण था। इसके बाद लौंग, इलायची, अजवाइन, काली मिर्च, तेजपत्ता, दालचीनी, तुलसी एवं अदरक की चाय लेते थे। इसके पश्चात सभी लोग बारी-बारी से भाप लेते थे। इसके 15 मिनट बाद एक-एक कप गर्म पानी पीते थे। इसके आधे घंटे बाद समस्त लोग नारियल पानी पीते थे। लगभग 10 बजे हम सभी लोग हल्का नाश्ता करते थे।
2:30 बजे हम लोग सादा किंतु संपूर्ण भोजन करते थे। 5:30 बजे काढ़ा, फिर भाप और रात 9 बजे भोजन किया जाता था। इसके पश्चात 9:30 बजे हल्दी वाला दूध पीते थे। इस पूरी दिनचर्या के दौरान परिवार के प्रत्येक सदस्य आपस में सकारात्मक विचार विमर्श करते थे। हम सभी को ईश्वर की शक्ति में विश्वास एवं कोविड-19 के प्रोटोकॉल के पालन ने एक आत्मविश्वास दिया था कि हम सभी स्वस्थ हो जाएंगे। मैं आप सभी लोगों को इस बात का विश्वास दिलाना चाहूंगा कि यदि आप सही समय से जांच करा कर उपर्युक्त दिनचर्या एवं कोविड 19 की दवाइयों का समय से प्रयोग करेंगे एवं सकारात्मक रहेंगे तो घर पर ही पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाएंगे।