कालाष्टमी का शुभ मुहूर्त
अष्टमी तिथि शुरू 3 मई को दोपहर 01 बजकर 39 मिनट पर
अष्टमी तिथि समाप्त 4 मई को दोपहर 01 बजकर 10 मिनट पर
कालाष्टमी पूजा विधि
कालाष्टमी के दिन सुबह उठकर स्नान कर साफ कपड़े पहनें। इसके बाद किसी शुभ स्थान पर कालभैरव की मूर्ति की स्थापना करें। फिर उस जगह को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें। अब उन्हें फूल, नारियल, इमरती, पान आदि चीजें चढ़ाएं। भगवान कालभैरव के सामने धूप, दीप जलाएं और पाठ करें। इसके बाद भैरव मंत्रों का 108 बार जाप करें। आरती करने के बाद पूजा संपन्न करें।
उपाय
भगवान भैरव के रूप में इस दिन लोग कुत्ते की पूजा करते है। कालाष्टमी के दिन कुत्ते को मीठी रोटी या कच्चा दूध पिलाना चाहिए। इसके अलावा रात के समय में भगवान भैरव की सरसों के तेल, उड़द, काले तिल और दीपक आदि चीजों से पूजा अर्चना करनी चाहिए।