चंदौली के नौगढ़ में जंगली जानवरों का शिकार करने वाले शिकारी प्रतिदिन नए तरीके से इनका शिकार करने की जुगत करते रहते हैं। इन दिनों ये शिकारी जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए बंदूक की जगह देसी बम का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे ऐसे देसी बम से शिकार कर रहे हैं जिनके फटते ही जानवर की मौत हो जाती है।
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शिकारी क्षेत्र के जंगलों में जगह-जगह आटे की लोई के बीच ऐसे बम रख देते हैं जिनके अंदर विस्फोटक रहता है। जंगली जानवरों के इन्हें मुंह में उठाते ही वह फट जाता है जिससे उसकी मौत हो जाती है। काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर अंतर्गत चंद्रप्रभा वन्य जीव विहार के अलावा नौगढ़, जयमोहनी व मझगाई रेंज के विभिन्न जंगलों के समीप देसी बम से जंगली शूकरो का शिकार जारी है। ठंड के मौसम में जंगली शूकर खेतों में चरने आ जाते हैं।
इसके बाद शिकारी देसी बम के गोले या पतले तारों का फंदा बनाकर इनका शिकार आसानी से कर लेते हैं। धड़ल्ले से हो रहे शिकार पर प्रतिबंध लगाने के लिए गांव के लोगों द्वारा वन विभाग के अधिकारियों को दी जा रही सूचना अभी तक बेअसर है। लोगों का कहना है कि जंगली जानवरों के शिकार पर प्रतिबंध होने के बाद भी इनका धड़ल्ले से शिकार किया जा रहा है।
इस प्रकार से शिकार किए जाने का मामला अभी संज्ञान में नहीं आया है। यदि ऐसा किया जा रहा है तो शिकारियों के खिलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रात्रि गश्त भी बढ़ाई जाएगी। दिनेश कुमार सिंह, उप प्रभागीय वन अधिकारी, नौगढ़।