वह बरामदे के भीतर जाकर देखा तो संदीप का शव फंदे से लटका हुआ था। परिजनों ने बताया कि संदीप के पिता सभाजीत यादव की मृत्यु दो वर्ष पूर्व हो गई थी, वह पुलिस विभाग में दरोगा पद से रिटायर हुए थे। एक भाई जो बड़ा है वह पुलिस विभाग में चंदौली जिले में तैनात है।
सबसे छोटा भाई विशाल यादव एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड है। थानाध्यक्ष चोलापुर ने बताया कि संदीप यादव कुछ शरारती तत्वों का साथी था जो नशा, चोरी और छेड़खानी आदि के लिए चर्चित हैं। संदीप की शिकायत उसके परिजनों को मिलती रहती थी। कुछ दिन पूर्व संदीप अपनी मां को ही मारापीटा था, शिकायत मिलने पर पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में कार्रवाई की थी।