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वाराणसी में बनेगा देश का सबसे बड़ा वेस्ट टू एनर्जी प्लांट

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वाराणसी। देश का सबसे बड़ा वेस्ट टू एनर्जी (कचरे से बिजली) प्लांट वाराणसी में बनाया जाएगा। सावन के पहले दिन बुधवार को एनटीपीसी और नगर निगम के बीच समझौता (मेमोरेंडम ऑफ अंडर स्टैंडिंग) हुआ है। 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्लांट में प्रतिदिन 600 टन कचरे का निस्तारण हो सकेगा।
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नगर निगम की रमना में स्थित जमीन पर एनटीपीसी प्लांट तैयार करेगा। इसमें कूड़े को अलग-अलग कर बिजली, बायो डिग्रेडिबल कचरे से मीथेन और अन्य सिविल कंस्ट्रक्शन मैटेरियल बनाया जाएगा। प्लांट एनटीपीसी की वेस्ट टू एनर्जी विंग संचालित करेगी। इससे पहले सूरत और दिल्ली में भी प्लांट बने हैं। वाराणसी में इंटीग्रेटेड वेस्ट टू इनर्जी का इतनी बड़ी क्षमता का यह पहला इको फ्रेंडली प्रोजेक्ट होगा। इससे शहर में बिजली आपूर्ति करने की योजना है।
मंडलायुक्त सभागार में महापौर मृदुला जायसवाल, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, नगर आयुक्त आशुतोष कुमार द्विवेदी, एनटीपीसी जीएम अमित कुमार कुलश्रेष्ठ, एडवाइजर आरके बड़ेरिया, अवनीश गौतम की मौजूदगी में एमओयू हुआ। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काशी की स्वच्छता व पर्यावरण की दिशा में बड़ा कदम है। शहर से निकलने वाले लगभग 600 टन कूड़े का निस्तारण आसानी से हो जाएगा। एनटीपीसी के सहयोग से वेस्ट टू एनर्जी प्रोजेक्ट लगेगा। यह प्लांट इको फ्रेंडली होगा। नगर आयुक्त ने बताया कि प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम रमना में जमीन उपलब्ध करा रहा है। कार्य शुरू होने के 30 माह में प्लांट पूरा हो जाएगा।
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