वाराणसी। खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से बुधवार को सेवापुरी स्थित कृषक विकास ग्रामोद्योग संस्थान में पश्मीना शॉल की बुनाई शुरू की गई। इसके लिए लेह से हवाई मार्ग से कच्चा माल लाया गया था।
पश्मीना शॉल के कारीगर जेपी श्रीवास्तव ने बताया कि बनारस में पहली बार पूर्वांचल के खादी प्रेमियों को शत प्रतिशत शुद्ध पश्मीना शॉल ओढ़ने को मिलेगी। पहली बार सेवापुरी में आयोग की ओर से शॉल की बुनाई शुरू की गई है। इसके लिए लेह लद्दाख में पाई जाने वाली खास प्रजाति की बकरी के बालों से तैयार 15 किलो सूत हवाई मार्ग से पिछले सप्ताह लाया गया था। जिससे 150 शॉल तैयार की जाएगी। एक दिन में तीन शॉल बनाया जाएगा। 150 में 100 बनारसी पश्मीना को पहले दिल्ली के खादी भवन में लांच किया जाएगा। इसके बाद 50 शॉल को बनारस सहित गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली सहित 12 जिलों में प्रदर्शन के लिए रखा जाएगा। बुधवार को तीन शॉल को सफल तरीके से तैयार किया।