पिछले एक सप्ताह से तेज धूप और गर्म पछुआ हवाओं के चलने के बाद अब दो दिन से हीट वेव चलने लगी है। दोपहर में ऐसा लग रहा है जैसे आसमान से आग बरस रही हो। धूप तेज होने के साथ ही अब गर्मी भी बढ़ रही है। इस वजह से हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में 10 बेड वाला हीट स्ट्रोक वार्ड भी सोमवार को मरीजों से भर गया।
इसके अलावा अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड फुल हो जाने के कारण भी बच्चों को वार्ड नंबर में 12 में भर्ती किया जाने लगा है। करीब सप्ताह भर से जिस तरह की धूप हो रही है और तापमान में उतार-चढ़ाव बना है, उसका ही असर है कि अस्पताल में उल्टी, दस्त, डायरिया के साथ ही हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। दो दिन पहले तक हीट स्ट्रोक वार्ड खाली था लेकिन सोमवार की दोपहर में हीट स्ट्रोक वार्ड में सभी बेड पर मरीज भर्ती थे।
उधर बाल रोग विभाग, फिजिशियिन, एमडी की ओपीडी में पहुंचे मरीजों में उल्टी, पेट दर्द और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। चिकित्सकों ने खान पान पर विशेष ध्यान देने के साथ ही शरीर में पानी की कमी न होने की सलाह दी। अस्पताल के एसआईसी डॉ. हरिचरण सिंह ने बताया कि हीट स्ट्रोक वार्ड के भरने के बाद पेइंग वार्ड में भी मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। अगर अस्पताल में बेड नहीं मिला तो मरीजों को दीनदयाल अस्पताल में रेफर किया जाएगा।