पेयजल और सीवर की टूटी फूटी पाइप लाइनों के चलते शहर के 20 से अधिक मोहल्लों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। जिससे 45 हजार की आबादी प्रभावित है। कुछ क्षेत्र के पार्षद लगातार इस मसले को सदन से लेकर सड़क तक उठा रहे हैं। बावजूद इसके अब तक दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। मंत्री से लेकर अधिकारी तक के यहां शिकायतें की जा रही हैं। फिर भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो रही है।
आम जनता दूषित पानी पीने को मजबूर है। जिन विभागों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे ही आंखें मूंदें हैं। शहर के सुंदरपुर, तुलसीपुर, रानीपुर, शिवराजनगर कालोनी, जक्खा, खोजवां, लहंगपुरा, औरंगाबाद, जद्दूमंडी, रामापुरा, बंगाली टोला, सोनारपुरा, लल्लापुरा, पितरकुंडा, पिशाचमोचन, कालीमहाल, अलईपुर, कोनिया, कज्जाकपुरा आदि इलाकों में दूषित जलापूर्ति हो रही है।
कुछ लोगों ने इस समस्या को देखते हुए बाजार से खरीदकर पानी पीना शुरू कर दिया हैं। इसके अलावा बहुत से लोगों ने घरों में फिल्टर लगवाया है। कई लोगों ने अपने घरों में बोरिंग करवा लिया है ताकि बार बार दूषित पेयजल की समस्या से मुक्ति मिल जाए।